नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली की सड़कों पर क्लस्टर बस चालकों द्वारा घातक ड्राइविंग किसी से छिपी नहीं है। सुधार की बजाए पिछले साल के मुकाबले क्लस्टर बसों से सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ा है। सड़कों पर इस खूनी खेल में क्लस्टर बस चालकों ने डीटीसी को भी पछाड़ दिया है, जबकि पिछले साल डीटीसी बस चालक इस दौड़ में आगे थे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष 31 जुलाई तक डीटीसी बस चालकों से 19 फेटल एक्सीडेंट हुए थे, जिसमें 19 लोगों की जानें गई थीं। डीटीसी ने काफी तेजी से सुधार किया और ड्राइवरों को नए सिरे से सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया।
नतीजा इस साल 31 जुलाई तक डीटीसी बस से सिर्फ छह लोगों की मौतें हुई हैं। मगर दूसरी ओर क्लस्टर बस चालकों की बात करें तो पिछले साल 31 जुलाई तक दिल्ली की सड़कों पर कलस्टर बसों से 10 लोगों की मौतंे हुई थीं। इस साल इसी अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 14 तक पहुंच चुका है। आरटीवी और मिनी बस से हादसों में भी कमी आई है। पिछले साल 31 जुलाई तक 11 लोगों की मौत हुई थी। मगर इस साल आरटीवी व मिनी बस से छह लोगों की जाने गई हैं।
डीटीसी, क्लस्टर बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू
सड़कों पर क्लस्टर बस चालाकों की लापरवाही से मौत के मामले में जब डिम्ट्स के वरिष्ठ अधिकारी सीके गोयल से फोन पर बात की तो उन्होंने संतोष जनक जवाब देने की बजाए कहा कि आपको पुलिस से जो आंकड़े मिले हैं, वह गलत हैं। असल में कलस्टर बस चालकों से फैटल एक्सीडेंट कम हुए हैं।
– वसीम सैफी


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