‘कांग्रेस-आप गठबंधन राजनीतिक अवसरवादिता’

Summary :

नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में आप और कांग्रेस का गठबंधन एक प्रकार से राजनीतिक अवसरवादिता का एक बहुत बड़ा उदाहरण है।

नई दिल्ली : भाजपा दिल्ली प्रदेश कार्यालय में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में आप और कांग्रेस का गठबंधन एक प्रकार से राजनीतिक अवसरवादिता का एक बहुत बड़ा उदाहरण है, जो कि भारतीय राजनीति में कभी नहीं हुआ। कांग्रेस और आप के मूल में ही एक-दूसरे के राजनीतिक भविष्य को खत्म करना था और आप कांग्रेस को राजनीति से बाहर करने के लिए बनी थी। यह बात उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कही, इस दौरान मीडिया प्रभारी अशोक गोयल भी उपस्थित रहे।

गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपनी कई सभाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में जाकर इस बात का हौवा खड़ा किया और इस प्रकार से कांग्रेस के ऊपर गठबंधन करने का दबाव बनाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि आप गठबंधन को व्याकुल इसलिए है क्योंकि उसे लगता है कि भाजपा का मुकाबला वे अकेले नहीं कर सकते। आप, कांग्रेस के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता के बल पर दिल्ली को संप्रदाय के आधार पर बांटने के लिए गठबंधन बनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन ये बात दिल्ली के लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं।

गुप्ता ने आगे कहा कि दोनों पार्टियों के गठबंधन में विलंब का कारण तीन सीटों चांदनी चौक, उत्तर पूर्वी दिल्ली व पूर्वी दिल्ली पर पेंच फंसाना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन तीनों सीटों पर अल्पसंख्यक समुदाय का वोट अधिक है और दोनों पार्टियां इन मतदाताओं को साधने का प्रयास कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, उनके कार्यकारी अध्यक्ष इस गठबंधन के खिलाफ हैं वही दूसरी ओर कपिल सिब्बल व अजय माकन पहले इस गठबंधन के खिलाफ थे, लेकिन आज एक सुर में इससे सहमत दिख रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपनी कई सभाएं रद्द कर चुके हैं और इसका ठीकरा वो चुनाव आयोग पर या फिर दिल्ली पुलिस पर फोड़ते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि जनता इनके साथ नहीं खड़ी है।

Desk Team