नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव (डूसू) के लिए एबीवीपी, एनएसयूआई और आइसा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। डीयू के प्रमुख छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआई ने चार में एक-एक पद पर महिला उम्मीदवारों को उतारा है। वहीं आइसा ने अध्यक्ष और सह सचिव पद पर महिलाओं को मौका दिया है। डीयू में छात्रसंघ के लिए 12 सितंबर को मतदान होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए अक्षित दहिया, उपाध्यक्ष पद के लिए प्रदीप तंवर, सचिव पद के लिए योगित राठी और संयुक्त सचिव पद के लिए शिवांगी खरवाल को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने अध्यक्ष पद के लिए चेतना त्यागी, उपाध्यक्ष पद के लिए अंकित भारती, सचिव पद के लिए आशीष लाम्बा और संयुक्त सचिव पद के लिए अभिषेक छपराना को मैदान में उतारा है।
दोनों ही संगठनों ने इस चुनाव में अपनी जीत का दावा किया है। वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने दामिनी को अध्यक्ष पद, आफताब को उपाध्यक्ष, सचिव पद पर विकाश और संयुक्त सचिव पद पर चेतना को उतारा है। एबीवीपी के अध्यक्ष उम्मीदवार अक्षित दहिया वर्तमान में फैकल्टी ऑफ लॉ प्रथम वर्ष के छात्र हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से बॉडी बिल्डिंग में सिल्वर मेडल प्राप्त कर चुके हैं। वह वर्ष 2016-2019 रामजस कॉलेज से बीएससी फिजिकल साइंस में स्नातक हैं।
उपाध्यक्ष पद पर प्रदीप तंवर वर्तमान में देशबंधु कॉलेज से एम ए हिंदी प्रथम वर्ष के छात्र हैं। वह वर्ष 2015-2018 पीजीडीएवी कॉलेज से बीए प्रोग्राम स्नातक हैं। सचिव पद पर योगित राठी वर्तमान में फैकल्टी ऑफ लॉ से एलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वह 2014-2017 रामजस कॉलेज से बीए (ऑनर्स) इतिहास में स्नातक हैं। वहीं सह सचिव पद की उम्मीदवार शिवांगी खरवाल वर्तमान में एमए बुद्धिस्ट प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। वह 2016-2019 श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज से बीए प्रोग्राम में स्नातक हैं।
छात्रों के मुद्दे अहम : एनएसयूआई
एनएसयूआई ने अपना पैनल घोषित करते हुए अपने समर्थकों के साथ आर्ट्स फैकल्टी में छात्रों का अभिवादन स्वीकार किया। इनका कहना है कि हमारा पैनल जमीन से संबंध रखने वाले छात्रों का नेतृत्व कर रहा है। सभी उम्मीदवार मध्यम व ग्रामीण परिवेश से संबंध रखते हैं। हमारी पहली प्राथमिकता छात्रों के मुद्दों पर काम करने की रहेगी न की राष्ट्रीय मुददों पर बात करके छात्रों के मुद्दों को भटकाने पर।
हम सबसे पहले दिव्यांग छात्रों व कैंपस में समानता लाने पर जोर देंगे। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा से ही छात्रों के साथ रही है तथा छात्र हितों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।


Download Android App
Download iOS App



