Delhi Municipal Corporation : दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के हिंदू राव अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं को और आधुनिक बनाने की दिशा में कई नई चिकित्सा सुविधाओं और अत्याधुनिक उपकरणों का लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर अस्पताल में वर्ष 2001 से संचालित डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महापौर प्रवेश वाही ने नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि निगम के अस्पताल अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के मामले में निजी अस्पतालों के बराबर खड़े हैं और आम लोगों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा रहे हैं।
समारोह में उप-महापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा, स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, चिकित्सा सहायता एवं जन-स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष मनीष चड्ढा, सिटी एसपी जोन की अध्यक्षा उषा शर्मा, निगम आयुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमन मेहंदीरत्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।
इस दौरान अस्पताल के उन्नत कैजुअल्टी (आपातकालीन) विभाग, धर्मशाला एवं फिजियोथेरेपी ब्लॉक, इंटीग्रेटेड ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर, नेत्र रोग विभाग में स्थापित आधुनिक उपकरण, 4के लैप्रोस्कोपी सिस्टम और सी-आर्म मशीन सहित कई नई सुविधाओं का लोकार्पण किया गया। साथ ही ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी), विजुअल फील्ड एनालाइज़र, फंडस कैमरा, फेको इमल्सिफिकेशन मशीन, नॉन-कॉन्टैक्ट टोनोमीटर, क्रायोएब्लेटर, न्यूमेटिक लिथोट्रिप्टर, पीडियाट्रिक स्पाइरोमीटर, सीटीजी, आधुनिक लेबर रूम और फिजियोथेरेपी विभाग में आधुनिक जिम जैसी सुविधाएं भी शुरू की गईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि चिकित्सकों का समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि हिंदू राव अस्पताल से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है और यहां लगातार आधुनिक सुविधाएं जुड़ने से मरीजों को निजी अस्पतालों जैसी चिकित्सा सेवाएं निःशुल्क मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि निगम अस्पतालों के आधुनिकीकरण का कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने की भी अपील की। समारोह में डीएनबी कार्यक्रम की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। वर्ष 2001 में आठ विशेषज्ञताओं और 21 सीटों से शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब 10 विशेषज्ञताओं में 51 मान्यता प्राप्त सीटों तक पहुंच चुका है। अस्पताल में वर्तमान में 71 फैकल्टी सदस्य चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण का दायित्व निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमन मेहंदीरत्ता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निगम प्रशासन और इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से अस्पताल का लगातार आधुनिकीकरण हो रहा है और भविष्य में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।



Download Android App
Download iOS App




