दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से घटती हवा की गुणवत्ता के चलते दिल्ली सरकार द्वारा गुरुवार और शुक्रवार को स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। इस पर गेस्ट टीचर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले की सराहना की है, लेकिन साथ ही दिल्ली सरकार से मांग की है कि प्रदूषण या अन्य किसी कारण से आकस्मिक अवकाश के कारण सरकारी स्कूलों में होनी वाली छुट्टियों के दिन गेस्ट टीचर्स को सवैतनिक अवकाश दिया जाए।
इस संबंध में ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को भी पत्र लिखा है। एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में लगभग 22 हजार गेस्ट टीचर्स कार्यरत हैं। यह सभी शिक्षक दिहाड़ी मजदूरी पर काम करते हैं जिसके चलते उन्हें सिर्फ उस दिन की ही सैलरी मिलती है जिस दिन वे स्कूल जाकर कार्य करते हैं।
इसके अलावा उन्हें न किसी सरकारी छुट्टी का वेतन मिलता है, न त्यौहार की छुट्टियों का वेतन मिलता है और न ही किसी अन्य छुट्टियों का वेतन दिया जाता है। ऐसे में किसी भी दिन की आकस्मिक छुट्टी होने पर गेस्ट टीचर्स का आर्थिक नुकसान होता है। इसलिए गेस्ट टीचर्स को आकस्मिक अवकाशों का भी वेतन दिया जाना चाहिए।


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