नई दिल्ली : दिल्ली बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन के सत्र का उद्घाटन करने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे। उन्होंने पार्टी नेताओं को सचेत करते हुए कहा कि राजनीति में ‘ऑल इज फाइन’ यानी सब बढ़िया है या सब चलता है वाला एटिट्यूड छोड़ना होगा। ऐसा नहीं किया तो आगे चलकर खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि 88 प्रतिशत लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वश्रेष्ठ नेता और 70 प्रतिशत लोग बीजेपी को बेस्ट पॉलिटिकल पार्टी मानते हैं।
इस भरोसे को कायम रखना होगा। यही नहीं, दूसरी पार्टियों के वोट बैंक पर निर्भर रहने की बजाय अपने बेस को और मजबूत करना होगा। राजनाथ ने प्रदेश पदाधिकारियों को भविष्य की राह दिखाने के साथ-साथ नसीहत भी दी। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि अहंकार, अभिमान और आत्म मुग्धता से दूर रहें। खुद के बारे में न सोचकर आम जनता और अपने कार्यकर्ताओं के बारे में सोचें और उनकी बात सुनें। राजनाथ ने साफ कहा कि अगर 2019 के आम चुनावों में बीजेपी को सातों लोकसभा सीटें बरकरार रखनी हैं तो अभी से तैयारी करनी होगी। संगठन के स्तर पर आ रही कमियों को दूर करना होगा।
राजनाथ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोगों ने हम पर जो भरोसा जताया है, हमें उसे कायम रखना है। इसकी मुख्य जिम्मेदारी उन लाखों कार्यकर्ताओं की है, जो लोगों से संपर्क बनाए रखते हैं। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि मैं अपने जीवनकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर रहा, लेकिन कभी अहंकार नहीं आने दिया। राजनाथ ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़ाव को पार्टी की सफलता की कुंजी बताया।
प्रदेश कार्यकारिणी के दूसरे और अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जिस प्रकार प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की तारीफ की, उससे कहीं न कहीं प्रदेश अध्यख को बदलने की अटकलों पर विराम लग गया है। दरअसल, 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव और अभी हाल ही में कहीं कोई चुनाव न होने के कारण मनोज तिवारी को हटाने की अटकलें खारिज हो गई हैं। गौरतलब है दिल्ली के 40 लाख पूर्वांचली वोटरों को लुभाने के लिए भाजपा के पास मनोज तिवारी के सिवाय कोई अन्य चेहरा नहीं है।
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