एनजीटी ने दिल्ली एफसीटीएस परियोजना के खिलाफ याचिका की खारिज, मानकों के उल्लंघन का सबूत नहीं मिला

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NGT Clears FCTS Project Delhi: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने बसई दारा पुर क्षेत्र में प्रस्तावित फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) के निर्माण को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अधिकरण ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर परियोजना में किसी प्रकार के नियम उल्लंघन का ठोस प्रमाण नहीं मिला है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की। याचिका रक्षा फाउंडेशन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाबी बाग (पश्चिम) के गुड्डद वाला मोहल्ला स्थित…

NGT Clears FCTS Project Delhi: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने बसई दारा पुर क्षेत्र में प्रस्तावित फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) के निर्माण को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अधिकरण ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर परियोजना में किसी प्रकार के नियम उल्लंघन का ठोस प्रमाण नहीं मिला है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की। याचिका रक्षा फाउंडेशन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाबी बाग (पश्चिम) के गुड्डद वाला मोहल्ला स्थित इस परियोजना में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों और साइट चयन नियमों का उल्लंघन किया गया है।

हालांकि, अधिकरण ने पाया कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि मानकों का उल्लंघन हुआ है। पीठ ने यह भी कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ऐसे ट्रांसफर स्टेशन आवश्यक हैं और संबंधित परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। एनजीटी ने निर्देश दिया कि परियोजना का संचालन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप किया जाए। साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि संचालन के दौरान किसी प्रकार का उल्लंघन न हो। इसके अलावा, अधिकरण ने क्षेत्र में स्थित कचरा संग्रहण स्थल के कुप्रबंधन पर चिंता जताई और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के साथ ही याचिका का निस्तारण कर दिया गया।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।