प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 ने दुनिया को एक बात सिखा दी है कि ग्लोबलाइजेशन महत्वपूर्ण है लेकिन इसके साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी उतना ही जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से कहा, टेक्नॉलॉजी की जरूरत और इसके प्रति भारतीयों में आस्था, यही आपके भविष्य को रोशनी दिखाती है। पूरे देश में आपके लिए अपार संभावनाएं हैं, अपार चुनौतियां हैं जिसके समाधान आप दे सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इसके पहले मुझे आईआईटी मद्रास, आईआईटी बांबे और आईआईटी गुवाहाटी के दीक्षांत समारोह को भी अटेंड करने का अवसर मिला था। इन सभी जगहों पर मुझे ये समानता दिखी कि हर जगह कुछ न कुछ इनोवेशन हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा, आज भारत अपने युवाओं को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि ये युवा अपने इनोवेशन से करोड़ों देशवासियों के जीवन में परिवर्तन ला सके। देश आपको ईज ऑफ डूइंग बिजनेस देगा बस आप देशवासियों के ईज ऑफ लिविंग पर काम कीजिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहली बार एग्रीकल्चर सेक्टर में इनोवेशन और नए स्टार्टअप्स के लिए इतनी संभावनाएं बनी हैं। पहली बार स्पेस सेक्टर में प्राइवेट इनवेस्टमेंट के रास्ते खुले हैं। दो दिन पहले ही, बीपीओ सेक्टर के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए भी एक बड़ा रिफॉर्म किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रावधान जो टेक इंडस्ट्री को वर्क फ्रॉम होम या फिर वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर जैसी सुविधाओं से रोकते थे, उनको भी हटा दिया गया है। ये देश के आईटी सेक्टर को ग्लोबली और कंपटीटिव बनाएगा और आप जैसे यंग टैलेंट को और ज्यादा मौके देगा।


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