पश्चिमी दिल्ली : दिल्ली सरकार राशन डीलर संघ द्वारा रोहिणी सेक्टर 13 से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की नीतियों के विरोध में महासभा का आयोजन किया गया। जिसमें दिल्ली के मुख्य राजनीतिक पार्टियों के नेता शामिल हुए। महासभा में डीलरों ने दिल्ली सरकार की नीतियों का खुलकर विरोध किया। इस महासभा में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री समेत आम आदमी पार्टी के कई नेता और भाजपा के विधायक भी मौजूद रहे।
राशन कार्ड डीलरों के यूनियन अध्यक्ष शिवकुमार गर्ग और महासचिव सुनील कुमार ने मांग की है दिल्ली सरकार दिल्ली के राशन डीलर्स की मासिक आय कम से कम 30,000 रुपये सुनिश्चित करें दिल्ली में पीडीएस को पारदर्शी बनाने के लिये ई-पीओएस प्रणाली अपनाई जाए। दिल्ली में डीलर्स को एक वर्ष का लंबित बकाया दिया जाए वहीं डीएससीएससी की लेबर के द्वारा अवैध वसूली से निजात दिलाई जाए।
राशन डीलर्स के मासिक कोटे को एक समान किया जाए व राज्य खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जरूरतमंद उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उपलब्ध कराया जाए। दिल्ली में डीलर्स की अपील का निपटान तय-समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कि मार्च के लिये आवंटन/राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण करने हेतु उचित दर दुकानदारों के द्वारा खाद्य विभाग में किया जाने वाला अग्रिम भुगतान दिल्ली के सभी दुकानदार तब तक नहीं करेंगे, जब तक काफी समय से लंबित दिल्ली के उचित दर दुकानदारों की मुख्य मांग पर सरकार तथा विभाग से उचित आदेश/निर्देश लिखित रूप में पारित नहीं करता।
महासभा में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि अगर हमारी पार्टी सत्ता में आती है तो हम राशन डीलरों की सभी मांगों को पूरा करेगें। दिल्ली सरकार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मंत्री ईमरान हुसैन ने राशन डीलरों की सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।


Download Android App
Download iOS App



