Who is Srinivas Louis : हाल फिलहाल में गुजरात पंजाब व देश के अलग अलग राज्यों में लगातार स्कूलों, सरकारी कार्यालयों व ऑफिसों को बस से उड़ाने की धमकियां मिल रही थीं। यह धमकियाँ ईमेल या डायरेक्ट मैसेज से मिल रही थीं। सीधा सीधा तो नहीं पर दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिस पर 1100 ऐसे धमकी भरे मेल करने के आरोप हैं, नाम है श्रीनिवास लुईस।
हालांकि यह मामला इसलिए ज्यादा दिलचस्प बन गया है क्योंकि आरोपी का बैकग्राउन्ड सामान्य अपराधियों से बिल्कुल अलग बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार उसकी शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी समझ के कारण उसे पकड़ने में जांच एजेंसियों को काफी समय लगा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी न्यायिक व्यवस्था से निजी कारणों के चलते नाराज़ था।
कौन है श्रीनिवास लुईस?
पुलिस के अनुसार श्रीनिवास लुईस हाई क्वालीफाइड है। उसने पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है और NET क्वालफाई कर चुका है। वह पहले एक एजुकेशन इंस्टिट्यूट में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर चुका है।
हालांकि फिलहाल बेरोजगार बताया जा रहा है और कर्नाटक के मैसूरु में अपनी मां के साथ रह रहा था। उसकी मां रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं। पुलिस का कहना है कि श्रीनिवास के बैकग्राउन्ड को देखते हुए शुरुआत में उस पर शक करना आसान नहीं था।
पारिवारिक विवाद से जुड़ा है मामला
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह ज्यूडीशियल सिस्टम से नाराज़ था। पुलिस के अनुसार उसके परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी का आरोप था कि इस विवाद में उसके पिता को उनका उचित हिस्सा नहीं मिला।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इसी वजह से उसके मन में अदालतों के प्रति गुस्सा पैदा हुआ और उसने बार-बार फर्जी धमकी भरे ई-मेल भेजकर न्यायिक संस्थानों को निशाना बनाया।
तकनीकी तरीकों से छिपाता था पहचान
जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीनिवास लुईस टैक्नीकल मामलों में तेज था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल किया, जिससे ई-मेल भेजने वाले स्रोत का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल हो गया।
दिल्ली पुलिस ने स्कूलों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल की संयुक्त जांच के बाद आरोपी को शनिवार को मैसूरु में उसके किराए के घर से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि वह लगातार अपनी पहचान छिपाने के लिए तकनीकी उपाय अपनाता था।
यहां तक कि जांच में पता चला है कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए अक्सर अपना नाम और रहने की जगह बदलता रहता था। वह एक ही दिन में कई संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल भेज देता था और उसके बाद अपनी पहचान और ठिकाना बदलकर जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश करता था।
पुलिस के मुताबिक वह मुख्य रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके ई-मेल भेजता था और कई बार अंग्रेजी तथा कन्नड़ भाषा में संदेश लिखता था। उसके निशाने पर देश के विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालय, पुलिस कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान शामिल थे।
अधिकारियों का कहना है कि अब यह जांच की जा रही है कि अलग-अलग राज्यों में दर्ज धमकी से जुड़े मामलों का संबंध भी इसी आरोपी से है या नहीं।
हाई-प्रोफाइल संस्थानों को बनाया निशाना
पुलिस का मानना है कि आरोपी ने जानबूझकर अदालतों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाया ताकि ज्यादा से ज्यादा दहशत फैल सके। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह मानसिक तनाव से गुजर रहा हो सकता है।
हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है।
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