मनुष्य के जीवन में काम के समय से ही संघर्ष शुरू हो जाता है जी कि मृत्यु पर्यंत जारी रहता है। ऐसे में यदि उसे जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर आवश्यक सुविधाएं और संरक्षण मिले ती मनुष्य का जीवन विकास के पथ पर तीव्रता के साथ दौड़ता भी है और साथ ही समाज और देश का विकास भी इसी तीव्र गति से होता है। दिल्ली की वर्तमान सजग और दृढ़निश्चयी सरकार का यहीं दृष्टिकोण इस बजट 2026-27 के मूल में निहित है। दिल्ली बजट 2026-27 केवल 103.700 करोड़ रुपये का वित्तीय दस्तावेज नहीं है।
यह मजबूत संकल्पना है, मौलिक संवेदना है और समन्वयात्मक दृष्टिकोण है। यह सम्माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उस दर्शन को प्रतिबिंबित करता है, जो उन्होंने बार-बार जोर देकर कहा है शासन की योजनाएं बनाने का काम नहीं बल्कि उन योजनाओं को कार्यान्वित करके जनसामान्य का जीवन बदलने का कार्य करना चाहिए।” यह दर्शन इस बजट की हर परत में समाविष्ट है और इसे व्यावहारिक रूप में जमीन पर उतार रही है सम्माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जिनका मानना है कि विकास तभी सार्थक है, जब प्रदेश का हर नागरिक सुरक्षित और सशक्त महसूस करे। उसे शासन द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाएं और लाभ आसानी से प्राप्त हो सके।
इस बजट की शुरूआत बालक के जन्म के समय ही सरकार द्वारा दी जाने वाली जरूरी चिकित्सीय सुविधाओं से होती है। अनमोल योजना के तहत नवजात शिशुओं के लिए 56 जांचें केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं हैं। ये हर मां के लिए भरोसा है। कल्पना कीजिए दिल्ली के उन लाखों माता-पिताओं की जो अपने नवजात को अस्पताल पहुंचाते हुए चिंतित होते हैं। अब यह बजट उनकी चिंता को दूर करने का वादा करता है। दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 12,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें 750 आयुष्मान केंद्रों का विकास आधुनिक उपकरणों के साथ शामिल है।
यह न केवल चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार है, बल्कि हर दिल्लीवासी के स्वास्थ्य की प्राथमिकता देने का संकल्प है। आयुष्यान कार्ड हर परिवार तक पहुंचा। सड़कें, पानी, बिजली- ये सब मजबूत होंगे। इसी तरह, शिक्षा के क्षेत्र में यह बजट बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सुंदर संकल्पना प्रस्तुत करता है। 90 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि से एक लाख से अधिक बालिकाओं काे साइकिल उपलब्ध कराना एक अच्छी पहल है। यह व्यवस्था केवल यातायात का साधन नहीं है यह स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और गरिमा का प्रतीक है। विभिन्न क्षेत्रों में, जहां बालिकाएं स्कूल जाने के लिए दूर-दूर पैदल चलती हैं, कई बार स्वास्थ्य कारणों से या रिक्शे और ऑटो में खर्च की जाने वाली धनराशि के अभाव में विद्यालय तक नहीं पहुंच पाती यह साइकिल योजना निश्चित ही उन बालिकाओं के जीवन में नवीन क्रांति का संचार करेंगी।
महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निगरानी प्रणालियों, बेहतर रोशनी और सुरक्षित सार्वाजनिक परिवहन पर निवेश किया गया है। यह केवल बुनियादी ढांचा नहीं, यह व्यवस्था में विश्वास का निर्माण है। दिल्ली की सड़कों पर रात को चलने वाली बहन-बेटियों को अब डर नहीं, बल्कि सुरक्षा का अहसास होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र को केंद्र बिंदु बनाते हुए स्नातक चिकित्सा सीटों की 600 से बढ़ाकर 800 से अधिक करने का प्रावधान दीर्घकालिक निवेश है। दिल्ली के युवा डॉक्टर्स की फौज तैयार हो रही है, जो न केवल राजधानी बल्कि पूरे देश की सेवा करेंगे।
शिक्षा को नए अवसरों से जोड़ने का प्रयास बेहद सराहनीय है। टैलेंट हंट स्कीम का आरंभ और कौशल विकास पहलों का विस्तार युवाओं की क्षमता को पहचानने व पोषित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह योजना दिल्ली के स्लम क्षेत्रों से आने वाले होनहार बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को उजागर करेगी, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाएगी तथा स्वावलंबन की ओर से जाएगी साथ ही, 18-35 वर्ष के युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र खुलेंगे, जहां आईटी, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के द्वार खोले जाएंगे। बुनियादी ढांचे का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘फार एस’ ढांचे (स्कोप, स्केल, स्पीड और स्कित) के मार्गदर्शन में ही रहा है। लीक निर्माण के लिए 5.9900 करोड़ और शहरी विकास के लिए 7.900 करोड़ का प्रावधान इस दिशा को दर्शाता है।
रोजमर्रा के बुनियादी ढांचे में दृश्य सुधार के लिए 750 किलोमीटर सड़कों का एड-टू-एट री-कॉर्यटिंग किया जाएगा। ट्रांस यमुना विकास और दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड की पहलों पर लक्षित निवेश से क्षेत्रीय विकास संतुलित होगा। दिल्ली के निवासी यह भलीभांति जानते हैं कि यमुना पार के क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षित रहे हैं। अब वहां पुल, सड़क आदि के हालत पहले से और बेहतर हुए हैं। मूलभूत सेवाओं को मजबूत करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 9000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जल आपूर्ति और सीवरेज ढांचे का विस्तार शहरी चुनौतियों का समाधान करेगा। परिवहन नियोजन भविष्योमुखी है मेट्रो विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में वृद्धि और अधिक कुशल बनाने के लिए एक सामूहिक प्रयास है।
पर्यावरण प्राथमिकताओं की हरित बजट योजना के विस्तार और 15,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा प्रसंस्करण से मजबूती मिलेगी। दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए ये कदम आवश्यक है। बजट का एक महत्वपूर्ण आयाम बुजुर्गों अथवा वरिष्ठ नागरिकों के सुखी और आनंदमय जीवन से जुड़ा है। क्यी-आनंद योजना का आरंभ वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक जरूरी और सार्थक कदम है। जहां वे भाग लें। संग्लन हों और आनंद से जिएं। क्योंकि यह व्यवस्था केवल वृद्धि नहीं बल्कि उन लोगों के लिए सम्मान और देखभाल भी है जिन्होंने समाज की नींव रखी। दिल्ली की विभित्र कालोनियों में सैकड़ों बुजुर्ग हैं, जी पार्क में अकेले बेठे रहते हैं। अब उनके लिए सामुदायिक केंद्र बनेंगे, जहां योग, कहानी सत्र और स्वास्थ्य जांच होंगी। पेंशन योजनाओं का विस्तार होगा, ताकि बुजुर्ग सम्मानपूर्वक जिएं।
इसी प्रकार, महिला हाट यानी रानी हाट महिलाओं के हस्तशिल्पियों की बाजार से सीधे जोड़ने का मंच प्रदान करता है। ये केवल आर्थिक उपाय नहीं ये स्वावलंबन, उद्यमिता और गरिमा के मार्ग है। जहां कोशल को सतत् जीविका और स्वतंत्रता में बदल दिया जाता है। दिल्ली की घरेलु हस्तशिल्पी उन महिलाओं की कल्पना कीजिए, जो अब अपने उत्पाद और हस्तशिल्प सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकेगी।
बजट का एक और महत्वपूर्ण आयाम करुणा को शासन का सिद्धांत बनाने पर है। पशु चिकित्सालयों और गौशालाओं की सुविधाओं में निवेश शहरी पारिस्थितिकी तंत्र में व्यापक जिम्मेदारी की समझ दर्शाता है। दिल्ली के सड़कों पर भटकते हुए आवारा पशु जैसे कुत्ते गौ माता- ये भी हमारा हिस्सा हैं। यह प्रावधान पशु कल्याण की मानवीय विकास से जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा है, अच्छा शासन जन आंदोलन बनना चाहिए। यह बजट उसी विचार को प्रतिबिंबित करता है।


Download Android App
Download iOS App




