कब है Buddha Purnima 2026? यहां जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन का धार्मिक महत्व

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Buddha Purnima Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। यह पूर्णिमा हर साल वैशाख महीने में ही मनाई जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध का जन्म तो हुआ ही था, साथ ही उनको इसी दिन ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी। बौद्ध धर्म के लोगों के लिए ये दिन बेहद खास माना जाता है, जिसे वो लोग बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं। इस पूर्णिमा को बुद्ध जयंती और वैशाख के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं, इस साल बुद्ध पूर्णिमा कब मनाई जाएगी और…

Buddha Purnima Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। यह पूर्णिमा हर साल वैशाख महीने में ही मनाई जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध का जन्म तो हुआ ही था, साथ ही उनको इसी दिन ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी। बौद्ध धर्म के लोगों के लिए ये दिन बेहद खास माना जाता है, जिसे वो लोग बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं। इस पूर्णिमा को बुद्ध जयंती और वैशाख के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं, इस साल बुद्ध पूर्णिमा कब मनाई जाएगी और इसकी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त क्या है।

Buddha Purnima Kab Hai 2026: बुद्ध पूर्णिमा 2026 कब है?

Buddha Purnima Kab Hai 2026
Buddha Purnima Kab Hai 2026 (Source: AI)

हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार धूम-धाम से मनाया जाता है। बैसाख माह की पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू हो रही है और 1 मई को रात 10 बजकर 53 मिनट पर खत्म हो जाएगी। ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार 1 मई 2026, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:15 से 05:00 तक
  • सूर्योदय स्नान का श्रेष्ठ समय: 05:35 से 07:30 तक

Vaishakha Purnima Puja Vidhi: पूजा विधि

Significance of Buddha Jayanti
Significance of Buddha Jayanti (Source: social media)

 

  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही स्नान करना चाहिए।
  • इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूरे विधि-विधान से पूजा करना चाहिए।
  • फिर उन्हें सफेद और पीले रंग की मिठाई भोग लगाना चाहिए।
  • इस दौरान दीप, धूप और तुलसी प्रभु और देवी को अर्पित करें।
  • भोग लगाने के बाद ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप जरूर करें।
  • इस दिन शाम को चंद्रमा के दर्शन कर पूजा जरूर करें।
  • सफेद चीजों का दान करने के साथ चंद्रमा को अर्घ्य दें और इससे मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • आखिरी में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगकर पूजा खत्म करें।

Significance of Buddha Jayanti: बुद्ध पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

Significance of Buddha Jayanti
Significance of Buddha Jayanti (Source: AI)

हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि ये दिन जीवन में सत्य, अहिंसा और मध्यम मार्ग अपनाने के लिए हमें प्रेरित करता है। भगवान बुद्ध ने मानवता को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाया था, जिसे बौद्ध धर्म का बहुत महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। ये दिन दान-पुण्य, ध्यान और साधना करने से बेहद शुभ माना जाता है ऐसा करने से हमारे मन को शांति मिलती है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।