Chaitra Navratri Day 5 Skandmata Puja: चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन को मां स्कंदमाता की अराधना की जाती है। स्कंदमाता देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय (स्कंद कुमार) की माता है, इसलिए इन्हें ‘स्कंदमाता’ कहा जाता है। इनकी गोद में कार्तिकेय जी बाल रूप में बैठे होते हैं। मां अपने भक्तों को संतान की तरह प्यार और आशीर्वाद देती हैं। नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजन करने से संतान सुख, विद्या, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता की पूजा से भक्तों के जीवन के समस्त दुखों और समस्याओं का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। स्कंदमाता को ममतामयी रूप माना जाता है, जिनकी साधना से पारिवारिक शांति मिलती है।
Chaitra Navratri Day 5 Puja Shubh Muhurat: पूजा का शुभ समय

- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:06 से 05:53 तक
- सुबह की पूजा: 05:29 से 06:40 तक
- दोपहर का समय (अभिजित मुहूर्त): 12:21 से 01:09 तक
- शाम की पूजा: 06:49 से 07:13 तक
इसके अलावा सुबह 06:40 से 07:52 के बीच भी आप पूजा कर सकते हैं।
Chaitra Navratri Day 5 Skandmata Puja: ऐसे करें स्कंदमाता की पूजा

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- एक साफ चौकी पर माता की फोटो या मूर्ति रखें और उस जगह पर गंगाजल छिड़कें।
- माता के पास घी का दीपक जलाएं, माता को तिलक लगाएं और कुमकुम, चावल (अक्षत) चढ़ाएं।
- माता के मंत्र ‘ॐ देवी स्कंदमातायै नमः’ को 108 बार जाप करें।
- इसके बाद आप दुर्गा चालीसा या सप्तशती पढ़ सकते हैं।
- माता को पीले रंग की मिठाई, केसर वाली खीर या केले का भोग लगाएं।
- सबसे आखिर में मां की आरती करें और सबको प्रसाद बांटें।
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