छठ महापर्व का दूसरा दिन आज, खरना पूजा से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू, जानें प्रसाद ग्रहण करने का शुभ समय

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Chhath Puja 2025 2nd Day: लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा 25 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ आरंभ हो चुका है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है और हर दिन का अपना विशिष्ट धार्मिक महत्व होता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित देश के अनेक राज्यों में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। आज, रविवार के दिन खरना मनाया जा रहा है। खरना से ही छठ पूजा का 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ होता है। खरना का प्रसाद सूर्यास्त के बाद ग्रहण किया जाता है। बिहार में आज सूर्यास्त शाम 5:11 बजे…

Chhath Puja 2025 2nd Day: लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा 25 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ आरंभ हो चुका है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है और हर दिन का अपना विशिष्ट धार्मिक महत्व होता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित देश के अनेक राज्यों में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

आज, रविवार के दिन खरना मनाया जा रहा है। खरना से ही छठ पूजा का 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ होता है। खरना का प्रसाद सूर्यास्त के बाद ग्रहण किया जाता है। बिहार में आज सूर्यास्त शाम 5:11 बजे होगा। प्रसाद ग्रहण करने के पश्चात व्रती 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत प्रारंभ करते हैं, जो भगवान सूर्य को समर्पित होता है।

Chhath Puja Kharna kya hota hai: खरना का धार्मिक महत्व

Chhath Puja Kharna kya hota hai
Chhath Puja Kharna kya hota hai (Photo: Social Media)

छठ पर्व में खरना का दिन अत्यंत विशेष माना जाता है, क्योंकि इसी दिन से कठोर नियमों वाला निर्जला उपवास आरंभ होता है। व्रती पूरे दिन अपने मन, विचार और शरीर की पवित्रता बनाए रखते हैं और शाम को पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस प्रसाद को परिवार और आस-पड़ोस के लोगों के साथ बांटने की परंपरा शुभ मानी जाती है

Chhath Puja Kharna Prasad:  खरना का प्रसाद

Kharna Prasad
Kharna Prasad (Photo: Social Media)

खरना के दिन गुड़ की खीर बनाई जाती है, जो दूध, चावल और गुड़ से तैयार की जाती है। इसके साथ गेहूं के आटे की रोटी या पूरी भी बनाई जाती है। प्रसाद में केले का विशेष महत्व होता है। पहले यह प्रसाद सूर्य देव और छठी मैया को अर्पित किया जाता है, फिर व्रती इसे ग्रहण करते हैं। इसके बाद ही निर्जला व्रत की शुरुआत होती है।

Chhath Puja 2025 2nd day: खरना का शुभ मुहूर्त

Chhath Puja 2025 2nd Day
Chhath Puja 2025 2nd Day (Photo: AI Generated)

पंचांग के अनुसार आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जो 27 अक्टूबर 2025 की सुबह 6:04 बजे तक रहेगी। दिल्ली में आज सूर्योदय प्रातः 6:29 बजे और सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा। अतः व्रती सूर्यास्त के बाद यानी 5:41 बजे के बाद खरना पूजा संपन्न कर सकते हैं।

Chhath Puja 2025: खरना पूजन विधि

Chhath Puja 2025
Chhath Puja 2025 (Photo: AI Generated)
खरना के दिन व्रती स्नान-ध्यान करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ करते हैं। पंचमी तिथि पर वे पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहते हैं और शाम को दोबारा स्नान कर तन-मन को पवित्र करते हैं। इसके बाद पूजा स्थल को साफ कर मिट्टी के नए चूल्हे पर भोग तैयार किया जाता है। इस दिन नए वस्त्र पहनकर अत्यंत शुद्धता के साथ दूध की खीर और घी लगी रोटी बनाई जाती है। प्रसाद में चीनी या नमक का प्रयोग नहीं किया जाता, इसलिए खीर में केवल गुड़ मिलाया जाता है।
छठ पूजा के समय कई बार घर से दूर रहने या आस-पास घाट न होने की वजह से थोड़ी दिक्कत होती है। लेकिन आज इस लेख में हम आपके लिए कुछ आसान उपाय और टिप्स लाए हैं, जिनकी मदद से आप अपने छोटे से घर में भी छठ पूजा कर सकते हैं। आगे पढ़ें…

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।