आज से शुरू हुई माघ गुप्त नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

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Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat: वर्ष 2026 में गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ आज यानी 19 जनवरी से हो चुका है, जिसका समापन 27 जनवरी को किया जाएगा। माघ मास में आने वाली नवरात्रि को ‘गुप्त नवरात्रि’ के नाम से जाना जाता है, जो पूरी तरह से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित है। हालांकि, चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तुलना में यह कम प्रचलित है, लेकिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से इसका महत्व अत्यंत गहरा है। उत्तर भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इसे बड़ी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह समय तंत्र साधना और…

Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat: वर्ष 2026 में गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ आज यानी 19 जनवरी से हो चुका है, जिसका समापन 27 जनवरी को किया जाएगा। माघ मास में आने वाली नवरात्रि को ‘गुप्त नवरात्रि’ के नाम से जाना जाता है, जो पूरी तरह से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित है। हालांकि, चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तुलना में यह कम प्रचलित है, लेकिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से इसका महत्व अत्यंत गहरा है।
Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat
Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat (Image: AI Generated)
उत्तर भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इसे बड़ी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह समय तंत्र साधना और गुप्त अनुष्ठानों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। आइए जानें कलश स्ठापना का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व।

Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat: कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat
Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat (Image: AI Generated)

गुप्त नवरात्रि की पूजा का आरंभ कलश स्थापना से होता है। 2026 में स्थापना के लिए निम्नलिखित समय अत्यंत मंगलकारी रहेंगे-

  • प्रातःकालीन मुहूर्त: सुबह 7:14 बजे से 10:46 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:53 बजे तक

Gupt Navratri 2026 Puja: गुप्त नवरात्रि में ऐसे करें पूजन

Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat
Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat (Image: AI Generated)
  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • पूजा स्थान पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र की स्थापना करें।
  • कलश स्थापना के लिए, कलश में जल, आम/अशोक के पत्ते और नारियल रखकर स्थापित करें।
  • इसके बाद गणेश जी की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
  • माता रानी को रोली, अक्षत, सिंदूर, चुनरी और फूल अर्पित करें।
  • भोग में हलवा, पुआ या फल चढ़ाएं।
  • घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ या मंत्रों का जप करें।
  • अंत में दुर्गा आरती करें और प्रसाद बांटें।
  • नौ दिनों तक पूर्ण सात्विकता और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

Magha Gupt Navratri 2026: माघ गुप्त नवरात्रि का महत्व

Gupt Navratri 2026 Shubh Muharat
Gupt Navratri 2026 (Image: AI Generated)
गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से गुप्त साधना और तांत्रिक अनुष्ठानों के लिए जानी जाती है। इसमें सार्वजनिक दिखावे के बजाय एकांत में देवी की आराधना की जाती है। इस दौरान भक्त ‘दस महाविद्याओं’ की पूजा करते हैं। साधकों के लिए यह समय आंतरिक ऊर्जा को जगाने, तंत्र-मंत्र में सिद्धि प्राप्त करने, शत्रुओं पर विजय पाने और सुख-समृद्धि के साथ मोक्ष प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम अवसर होता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।