Kark Sankranti 2026: कब है कर्क संक्रांति? नोट कर लें स्नान-दान के लिए महापुण्य काल का समय, पूजा विधि और दान की चीजें

Summary :

संक्रांति तिथि सूर्य देव को समर्पित होती है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य भगवान एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में जाते हैं, तो उसे संक्रांति कहते हैं। साल में कुल 12 संक्रांतियां आती हैं, जिनमें से कर्क संक्रांति धर्म और अध्यात्म की दृष्टि से काफी खास मानी जाती है। इसी दिन से सूर्य देव उत्तर दिशा (उत्तरायण) से दक्षिण दिशा (दक्षिणायन) की ओर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। आइए, जानते हैं इस बार कर्क संक्रांति (Kark Sankranti 2026) कब है? साथ जानेंगे कि इस दिन स्नान-दान के लिए सबसे…

संक्रांति तिथि सूर्य देव को समर्पित होती है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य भगवान एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में जाते हैं, तो उसे संक्रांति कहते हैं। साल में कुल 12 संक्रांतियां आती हैं, जिनमें से कर्क संक्रांति धर्म और अध्यात्म की दृष्टि से काफी खास मानी जाती है। इसी दिन से सूर्य देव उत्तर दिशा (उत्तरायण) से दक्षिण दिशा (दक्षिणायन) की ओर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। आइए, जानते हैं इस बार कर्क संक्रांति (Kark Sankranti 2026) कब है? साथ जानेंगे कि इस दिन स्नान-दान के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है, और पूजा विधि क्या है?

इस साल कब है कर्क संक्रांति? (Kark Sankranti 2026)

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 16 जुलाई को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे और इसीके साथ ही ‘दक्षिणायन’ की शुरुआत हो जाएगी। यानी कि, साल 2026 में कर्क संक्रांति गुरुवार, 16 जुलाईको मनाई जाएगी।

स्नान और दान के लिए शुभ समय क्या है?  (Kark Sankranti 2026 Snan Daan Muhurat)

Kark Sankranti 2026 Snan Daan Muhurat
Ganga Snan (Source: Social Media)

इस दिन पूजा-पाठ और दान के लिए शुभ समय दोपहर 12:27 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 07:21 मिनट तक रहेगा। इस तरह यह शुभ समय कुल 06:53 मिनट का होगा। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस समय के दौरान स्नान, दान करने और पूजा करने से बहुत अच्छा फल मिलता है।

कर्क संक्रांति के दिन ‘महापुण्य काल’ को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। यह शुभ समय 16 जुलाई को शाम 05:03 मिनट से शुरू होकर शाम 07:21 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल लंबाई 2 घंटे 18 मिनट की होगी। मान्यताओं के अनुसार, इस समय किए गए दान, भगवान के नाम का जाप, तपस्या और सूर्य देव की पूजा का विशेष लाभ मिलता है।

कर्क संक्रांति पर क्या दान करें? (Kark Sankranti Daan List)

  • अनाज
  • गेहूं
  • गुड़
  • तांबे के बर्तन
  • लाल कपड़े
  • फल
  • तिल
  • छाता
  • पानी से भरे घड़े
  • पैसे (दक्षिणा)

ऐसे करें सूर्य देव को प्रसन्न (Kark Sankranti Puja Vidhi)

Kark Sankranti 2026
Kark Sankranti 2026 Puja (AI Generated)
  • कर्क संक्रांति के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें।
  • इसके बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं (अर्घ्य दें)।
  • इस जल में लाल फूल, चावल और रोली जरूर मिला लें।
  • सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें और आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र पढ़ें।
  • पूजा के बाद अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार अनाज, कपड़े, तिल, गुड़, फल या पैसों का दान करें।
  • अगर हो सके तो इस दिन किसी गरीब या भूखे व्यक्ति को भोजन कराएं।

कर्क संक्रांति का धार्मिक महत्व क्या है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से देवताओं की रात शुरू हो जाती है। इसलिए इस खास दिन पर पवित्र नदियों में स्नान, दान करना, मंत्रों का जाप करना, व्रत-तप करना और सूर्य देव की पूजा करना बहुत जरूरी माना गया है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए अच्छे कामों का कई गुना ज्यादा फल मिलता है। इस मौके पर लोग सुबह-सुबह पवित्र नदी में स्नान करते हैं, सूर्य देव को जल चढ़ाते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं। ऐसा करने से घर में सुख, समृद्धि और अच्छी ऊर्जा आती है।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।