इस साल कब है कर्क संक्रांति? (Kark Sankranti 2026)
स्नान और दान के लिए शुभ समय क्या है? (Kark Sankranti 2026 Snan Daan Muhurat)

इस दिन पूजा-पाठ और दान के लिए शुभ समय दोपहर 12:27 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 07:21 मिनट तक रहेगा। इस तरह यह शुभ समय कुल 06:53 मिनट का होगा। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस समय के दौरान स्नान, दान करने और पूजा करने से बहुत अच्छा फल मिलता है।
कर्क संक्रांति के दिन ‘महापुण्य काल’ को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। यह शुभ समय 16 जुलाई को शाम 05:03 मिनट से शुरू होकर शाम 07:21 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल लंबाई 2 घंटे 18 मिनट की होगी। मान्यताओं के अनुसार, इस समय किए गए दान, भगवान के नाम का जाप, तपस्या और सूर्य देव की पूजा का विशेष लाभ मिलता है।
कर्क संक्रांति पर क्या दान करें? (Kark Sankranti Daan List)
- अनाज
- गेहूं
- गुड़
- तांबे के बर्तन
- लाल कपड़े
- फल
- तिल
- छाता
- पानी से भरे घड़े
- पैसे (दक्षिणा)
ऐसे करें सूर्य देव को प्रसन्न (Kark Sankranti Puja Vidhi)

- कर्क संक्रांति के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें।
- इसके बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं (अर्घ्य दें)।
- इस जल में लाल फूल, चावल और रोली जरूर मिला लें।
- सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें और आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र पढ़ें।
- पूजा के बाद अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार अनाज, कपड़े, तिल, गुड़, फल या पैसों का दान करें।
- अगर हो सके तो इस दिन किसी गरीब या भूखे व्यक्ति को भोजन कराएं।
कर्क संक्रांति का धार्मिक महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से देवताओं की रात शुरू हो जाती है। इसलिए इस खास दिन पर पवित्र नदियों में स्नान, दान करना, मंत्रों का जाप करना, व्रत-तप करना और सूर्य देव की पूजा करना बहुत जरूरी माना गया है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए अच्छे कामों का कई गुना ज्यादा फल मिलता है। इस मौके पर लोग सुबह-सुबह पवित्र नदी में स्नान करते हैं, सूर्य देव को जल चढ़ाते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं। ऐसा करने से घर में सुख, समृद्धि और अच्छी ऊर्जा आती है।





















