जीवन के दुखों से मुक्ति पाने के लिए नर्मदा जयंती पर जरूर करें ये 4 उपाय, जानें पूजा का सही समय

Summary :

Narmada Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नर्मदा जयंती 25 फरवरी यानी आज मनाई जा रही है। यह दिन मां नर्मदा को समर्पित है। इस दिन मां नर्मदा की पूजा-अर्चना और दीपदान जरूर करना चाहिए। माना जाता है कि मां नर्मदा की पूजा-अर्चना करने से साधक को जीवन में सभी दुखों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। क्या आप जानते हैं कि मां नर्मदा धरती पर कैसे अवतरित हुईं। अगर नहीं, तो आइए आपको Narmada nadi ke bare mein jankari देते हैं Narmada Jayanti 2026 Date and Time: नर्मदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त…

Narmada Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नर्मदा जयंती 25 फरवरी यानी आज मनाई जा रही है। यह दिन मां नर्मदा को समर्पित है। इस दिन मां नर्मदा की पूजा-अर्चना और दीपदान जरूर करना चाहिए। माना जाता है कि मां नर्मदा की पूजा-अर्चना करने से साधक को जीवन में सभी दुखों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। क्या आप जानते हैं कि मां नर्मदा धरती पर कैसे अवतरित हुईं। अगर नहीं, तो आइए आपको Narmada nadi ke bare mein jankari देते हैं

Narmada Jayanti 2026 Date and Time: नर्मदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त

Narmada Jayanti 2026
Narmada Jayanti 2026 (Source: social media)

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 25 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 25 जनवरी को 11 बजकर 10 मिनट पर होगा। ऐसे में नर्मदा जयंती 25 जनवरी को मनाई जाएगी।

  • ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक
  • अमृत काल – सुबह 11 बजकर 15 मिनट तक से 12 बजकर 49 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 20 मिनट तक से 03 बजकर 03 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 52 मिनट से 06:19 मिनट तक

इस तरह अवतरित हुईं मां नर्मदा

Narmada nadi ke bare mein jankari
Narmada nadi ke bare mein jankari (Source: AI)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में मैखल पर्वत पर भगवान शिव तपस्या में लीन थे। उस दौरान महादेव के पसीने से कन्या का जन्म हुआ था। उन्होंने कन्या का नाम नर्मदा रखा। नर्मदा का अर्थ होता है, सुख प्रदान करने वाली। तब महादेव ने नर्मदा को आशीष दिया कि जो तुम्हारे दर्शन करेगा। उसका कल्याण होगा। नर्मदा मैखल पर्वत पर उत्पन्न हुई थीं। इसी वजह से नर्मदा मैखल राज की पुत्री भी कहलाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो जातक नर्मदा में स्नान करता है। उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है।

Narmada Nadi Facts in Hindi: जरूर करें ये काम

Narmada River map
Narmada River map (Source: AI)
  • इस दिन नर्मदा तट पर दीपदान करना चाहिए। इससे साधक जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
  • नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा को चुनरी और साड़ी अर्पित करें। इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाल रहता है।
  • मां नर्मदा को हलवा या खीर समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
  • मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।