हिंदू पंचांग के अनुसार, आज स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जा रहा है। यह विशेष व्रत हर महीने के शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को रखा जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े बेटे, कार्तिकेय जी को समर्पित है, जिन्हें देवताओं का सेनापति भी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से व्रत रखता है और पूरे नियम-कानून से कार्तिकेय जी की पूजा करता है, उसे अपने दुश्मनों पर जीत हासिल होती है और जीवन की तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं।
स्कंद षष्ठी के दिन व्रत रखने और पूरे विधि विधान के साथ कार्तिकेय जी की पूजा करने से घर के लड़ाई-झगड़े खत्म होते हैं, जीवन से सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है और रुके हुए काम भी जल्दी पूरे होने लगते हैं। स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को उनकी पसंद की चीजों का भोग लगाने से उनका आशीर्वाद मिलता है। तो चलिए जानते हैं Skanda Sashti 2026 Bhog List के बारे में।
Skanda Sashti 2026 Bhog List: भगवान कार्तिकेय को किन चीजों का भोग लगाएं?

- मोदक: गणेश जी की तरह कार्तिकेय जी को भी मोदक बहुत पसंद हैं। आप पूजा के लिए अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट मोदक तैयार करके उन्हें चढ़ा सकते हैं।
- पंचामृत: दूध, दही, शहद, शुद्ध घी और केसर को एक साथ मिलाकर पवित्र पंचामृत बनाएं। भगवान की पूजा में इसका भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है।
- ताजे फल: कार्तिकेय जी को मौसमी फल बेहद प्रिय हैं। आप उन्हें सेब, केला, अंगूर और संतरा जैसे फल प्रसाद के रूप में अर्पित कर सकते हैं।
- दूध की मिठाई और खीर: आप भगवान को दूध से बनी हुई चीजें जैसे गाढ़ी रबड़ी या चावल-मखाने की खीर बनाकर भी भोग लगा सकते हैं।
भोग लगाते समय इन बातों का ध्यान रखें
- प्रसाद या भोग हमेशा हाथ धोकर साफ-सुथरे तरीके से बनाएं और उसे साफ बर्तनों में ही रखें।
- भोग को अच्छे से सजाएं और भगवान के आगे रखने से पहले धूप-दीपक जरूर दिखाएं।
- इसके बाद भोग को भगवान कार्तिकेय के सामने रखकर उनकी आरती करें।
- पूजा खत्म होने के बाद इसे खुद भी खाएं और दूसरों में भी बांटें।
भोग लगाने का क्या महत्व है?



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