मुख्यमंत्री ने रखी इस्कॉन मंदिर की आधारशिला

Summary :

इस्कान के संस्थापक आचार्य श्रीशील प्रभुपाद ने लगभग 90 ग्रंथों का अंग्रेजी में अनुवाद कर विश्व में भारतीय संस्कृति का प्रचार व प्रसार किया है।

यमुनानगर :  स्वदेश दर्शन योजना के तहत हरियाणा कृष्णा सर्किट की पहचान की गई है, इस सर्किट के तहत लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत युद्ध से जुड़े 134 स्थलों का पर्यटक स्थलों के रूप में विकास होगा। उक्त शब्द पुराने सहारनपुर हाईवे पर इस्कान मंदिर का शिलान्यास करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहे। सबसे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भूमि पूजन किया। उसके बाद मंदिर का शिलान्यास किया।
बाद में उन्होंने वहीं पर कार्यक्रम में शिरकत की, जहां पर कार्यक्रम में देश-विदेश के श्रद्धालु भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यमुना किनारे बनने जा रहे इस्कान मंदिर में जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों को भाजपा की जीत की बधाई दी और उनका धन्यवाद भी किया कि उन्होंने भाजपा सरकार को दोबारा से सत्ता दिलवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां यमुना किनारे इस्कान का यह पहला मंदिर बनने जा रहा है। 
मंदिर के अलावा इस पहाड़ी पर योग केन्द्र, पार्क, बच्चों के लिए खेल के मैदान आदि का निर्माण होने जा रहा है। उन्होंने इस तीर्थ के लिए साढे छह एकड़ भूमि दान करने वाले कृष्ण भक्त स्वर्गीय बांके बिहारी जी को नमन किया। उन्होंने कहा कि यमुनानगर की पावन भूमि पर मां सरस्वती का उद्गम स्थल आदिबद्री भी स्थित है। मां सरस्वती के किनारे ही बसा कुरूक्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने 5156 वर्ष पहले गीता के माध्यम से कर्मयोग का अमर संदेश दिया था, जो सदियों तक मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा, उसी पावन संदेश को इस्कान संस्था विश्वभर के मानव समुदाय में पहुंचा रही है। 
उन्होंने कहा कि इस्कान के संस्थापक आचार्य श्रीशील प्रभुपाद  ने लगभग 90 ग्रंथों का अंग्रेजी में अनुवाद कर विश्व में भारतीय संस्कृति का प्रचार व प्रसार किया है। यही नहीं इन ग्रंथों का आगे विश्व की लगभग हर भाषा में अनुवाद हो चुका है। गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के  उद्देश्य से ही हम वार्षिक गीता जयंती समारोह को 2016 से कुरूक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि वह कुरूक्षेत्र को महापर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर रहे हैं। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत हरियाणा कृष्णा सर्किट की पहचान की गई है। 
इस सर्किट के तहत लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत युद्ध से जुड़े 134 स्थलों का पर्यटक स्थलों के रूप में विकास होगा। उन्होंने प्रसिद्ध स्थल आदिबद्री पर बोलते हुए कहा कि सरस्वती का उद्गम स्थल आदिबद्री हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित पावन तीर्थ स्थल है, जिसे हरियाणा सरकार द्वारा तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।  
उल्लेखनीय है कि हरे रामा हरे कृष्णा भजन पर  मुख्यमंत्री भी समय को रोक न सके और इस भजन पर मुख्यमंत्री खट्टर भी  इस्कॉन के श्रद्धालुओं के साथ झूमने लगे। इस मौके पर पूज्य श्री गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज, इस्कान मंदिर कुरूक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास महाराज, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, सांसद रतन लाल कटारिया, विधायक घनश्याम अरोड़ा, श्याम सिंह राणा, बलवंत सिंह  आदि भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे
(संदीप शर्मा )

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