हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास चौधरी की निर्मम हत्या पर शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां तीखा विरोध किया। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने बयान दिया है। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, उनके खिलाफ 13 एफआईआर दर्ज थीं, और विकास की छवि खराब थी। ऐसे व्यक्ति के साथ कुछ भी संभव हो सकता है, यह व्यक्तिगत दुश्मनी हो सकती है। फ़िलहाल इस मामले में पुलिस टीमें बनाई गई हैं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विकास चौधरी की हत्या के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ता में गुस्सा है। जिसके चलते शुक्रवार की सुबह बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता स्थानीय बीके अस्पताल में इकट्ठे हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक तंवर, पलवल के विधायक करण दलाल और तिगांव के विधायक ललित नागर कर रहे थे।

फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और माथे पर काली पट्टियां बांध कर अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास किया। पुलिस बल ने उन्हें अस्पताल से बाहर नहीं निकलने दिया। उन्होंने बताया कि इस क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच झड़पें भी हुई।
उन्होंने बताया शुक्रवार को पुलिस ने अस्पताल में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की और मुख्य द्वार को पूरी तरह से सील कर दिया गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलजित कौशिक ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जब मृतक विकास चौधरी का शव लेने मोर्चरी गए तो वहां भी भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने शव देने से मना कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं को अस्पताल में ही नजरबंद कर दिया। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक तंवर ने आरोप लगाया कि भाजपा का यह शासनकाल हिटलहरशाही शासन की याद दिलाता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पुलिस के बल पर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, वह कतई न्यायसंगत नहीं है। तंवर ने कहा कि भाजपा की इस मनमानी का आने वाले समय में मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। नागर ने भी प्रशासन की इस घटना की कडी निंदा करते हुए सवाल किया कि आखिर प्रशासन परिवार को विकास का शव क्यों नहीं सौंप रहा।
मृतक के भाई गौरव ने सवाल किया कि आखिर पुलिस उन्हें विकास का शव क्यों नहीं दे रही। डीसीपी एनआईटी विज ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की वजह से किसी तरह की सडक़ जाम न हो, इसके लिए उन्होंने बीके अस्पताल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा तैनात की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फरीदाबाद में है इसलिए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।


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