नई दिल्ली : कांग्रेस की हरियाणा इकाई में नेताओं के बीच मतभेद को लेकर लंबे समय से चली आ रही खबरों की पृष्ठभूमि में पार्टी ने फैसला किया है कि जल्द ही राज्य के नेताओं की एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए बस यात्रा निकाली जाएगी। पार्टी ने उस 16 सदस्यीय समिति को भी बहाल कर दिया है जिसे गत शुक्रवार को घोषित करने के बाद फैसला वापस ले लिया गया था।
कांग्रेस महासचिव और हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ दो दिन पहले हमने एक समन्वय समिति बनाई थी और फिर इस फैसले को वापस ले लिया था। इसकी कोई बड़ी वजह नहीं थी। हमने सोचा था कि सारी समितियां एक साथ बनाएं। आप जानते हैं कि इसमें समय लगता है। एक और कारण था कि थोड़ा-विचार विमर्श करना था।’’ उन्होंने कहा कि समन्वय समिति वही रहेगी और हम इसे फिर से घोषित करते हैं। आजाद ने कहा कि दूसरी समितियां बन रही हैं जिसमें दूसरे नेताओं को जगह मिलेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता वाली इस समन्वय समिति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अशोक तंवर, वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला, कुमारी शैलजा, किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई, अजय सिंह यादव और दीपेंद्र हुड्डा सहित 15 सदस्य शामिल हैं। आजाद ने यह भी कहा, ‘‘हम सभी नेताओं को एक बस में बैठाकर यात्रा शुरू करेंगे। यह हमने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में किया था।
हम अपना कर्नाटक और आंध्र मॉडल अब यहां दोहराएंगे। जब नेता बस में जाते हैं तो अलग-अलग होते हैं, लेकिन जब उतरते हैं तो एक होते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से हम हरियाणा की सभी विधानासभाओं तक पहुंचेंगे। गठबंधन के सवाल पर आजाद ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हरियाणा में गठबंधन की कोई स्थिति है।’


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