बिजली विभाग ने काटा पुलिस लाइन का कनेक्शन

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ऐसा होने से कभी भी बिल पेंडिंग होने की दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन यहां पूरा बोझ कर्मचारियों पर डाला जा रहा है। इसीलिए यह हालात बने हुए हैं।

अक्सर देखने को मिलता है कि  बिजली निगम द्वारा  बिल का भुगतान न करने पर  किसी के घर का दुकान, फैक्ट्री आदि प्रतिष्ठान का  बिजली कनेक्शन  काट दिया जाता है।आम जनता के बिजली बिल की राशि  अगर कुछ हजार ही हो और वह  समय पर अदा ना की गई हो तो विभाग के कर्मचारी बिजली कनेक्शन काटने में जरा सी भी देर नहीं करते। परंतु जगाधरी स्थित पुलिस लाइन का बकाया बिजली बिल कई लाख होने पर भी बिजली विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं खुली। जब बकाया बिजली बिल की राशि 1 करोड से अधिक हो गई तब कहीं जाकर बिजली विभाग कुंभकर्णी नींद से जागा और उन्होंने  पुलिस  लाइन का कनेक्शन काट दिया। 
एक करोड़  रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बकाया होने पर बिजली निगम के अधिकारियों ने पुलिस लाइन का कनेक्शन काट दिया। बिजली कनेक्शन काटने के पश्चात  काफी देर तक तो  पुलिस लाइन में रह रहे पुलिस को इसका पता ही नहीं चला  रात होने पर भी जब कई घंटे तक बिजली नहीं आई तो इस पुलिस लाइन में रह रहे  कर्मचारियों को इस बात का पता चला।
कनेक्शन कटने की बात का पता चलते ही कर्मचारी अधिकारियों को फोन करने लगे, लेकिन रात तक बात नहीं बनी थी। हालांकि अधिकारी किसी न किसी तरह कनेक्शन जुड़वाने का प्रयास करने में लगे थे।
 उधर कुछ पुलिस कर्मचारियों ने बताया पुलिस लाइन में रहने वाले अधिकतर पुलिस कर्मचारी अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान करते हैं ऐसे नहीं है।बहुत से कर्मचारी ऐसे हैं जोकि रूटीन में बिल देते हैं, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते। पूरी पुलिस लाइन  के बिजली बिल का बोझ कर्मचारियों पर ही डाला जा रहा है। जबकि यह डिवाइड होना चाहिए। जितनी बिजली कर्मचारियों के क्वार्टरों में लगती है उसका बिल कर्मचारियों से लिया जाए। वही  पुलिस लाइन  के अन्य एरिया में खर्च होने वाली बिजली का बिल  विभाग भरे। ऐसा होने से  कभी भी  बिल पेंडिंग होने की दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन यहां  पूरा बोझ कर्मचारियों पर डाला जा रहा है। इसीलिए यह हालात बने हुए हैं। 
बिजली निगम के एसडीओ पंकज देशवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस लाइन का बकाया बिल  एक करोड़ पांच लाख हो गया  था जिस बाबत कई बार विभागीय नोटिस नोटिस भी दिए जा  चुके थे और मौखिक तौर पर भी बिल भरने के लिए पुलिस अधिकारियों को कहा गया था लेकिन अधिकारियों ने  बिल नहीं भरा। इसीलिए मजबूरी में कनेक्शन काटना पड़ा।  उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने बिजली विभाग को आश्वासन दिया कि जल्द ही बिल की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा जिसके पश्चात रात को उन्होंने पुनः पुलिस लाइन में बिजली सप्लाई चालू कर दी।

Desk Team