चंडीगढ़ : गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अनिल विज काफी आक्रामक तेवर अपनाते हुए हैं। उन्होंने कई विषयों पर सीआइडी चीफ अनिल राव से रिपोर्ट मांगने पर उपलब्ध न हुई तो उनसे स्पष्टीकरण मांग लिया है। इतना ही नहीं विज ने सीआइडी से यह भी रिपोर्ट मांगी है कि आखिर क्या कारण रहे कि भाजपा को विधानसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक समर्थन नही मिला।
अनिल विज ने सोमवार को ही हरियाणा की सीआईडी को फिसड्डी बताकर इसके आधुनिकरण की बात कही थी। आमतौर पर किसी भी सत्तारूढ़ सरकार को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सीआईडी द्वारा एक आंकलन रिपोर्ट दी जाती है। इस रिपोर्ट में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के अलावा मुख्य विपक्षी दलों की धरातल पर स्थिति के बारे में बताया जाता है। हरियाणा में अब तक सत्ता में रही सभी सरकारों द्वारा इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती रही है।
हालही में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भी मनोहर सरकार द्वारा इस तरफ की प्रक्रिया अपनाई गई थी। चुनाव परिणाम भाजपा की उम्मीदों के अनुरूप नहीं आने पर समूचा नेतृत्व मंथन के दौर से गुजर रहा है। सूत्रों की मानें तो अनिल विज ने 11 दिसंबर को सीआईडी चीफ से यह राजनीतिक रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद 25 दिसंबर को दोबारा एक रिमांडर के माध्यम से गृहमंत्री ने यह रिपोर्ट मांगी थी।
सीआईडी द्वारा गृहमंत्री की इस मांग पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। बताया जाता है कि अनिल विज ने राजनीतिक रिपोर्ट के अलावा पूर्व समय के दौरान अन्य कई अहम मुद्दों पर भी रिपोर्ट मांगी थी। जिसे नहीं दिया गया। आज सुबह भी अनिल विज ने नियमानुसार गत दिवस सीएम फ्लाइंग द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी तो उन्हें संतुष्टीजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने सीआईडी चीफ से पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।


Download Android App
Download iOS App



