हरियाणा की नूंह हिंसा में नहीं था वॉन्टेड मोनू शामिल, जानिए पूरा मामला

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हरियाणा हिंसा की आग में जल रहा है वजह है शोभायात्रा के दौरान 2 गुटों में टकराव। बता दें कि टकराव इतना बढ़ गया कि पुलिस को धारा 144 लगनी पड़ी, साथ ही साथ ये टकराव और हिंसा गुरुग्राम और फरीदाबाद तकआ गया है।

हरियाणा हिंसा की आग में जल रहा है वजह है शोभायात्रा के दौरान 2 गुटों में टकराव। बता दें कि टकराव इतना बढ़ गया कि पुलिस को धारा 144 लगनी पड़ी, साथ ही साथ ये टकराव और हिंसा गुरुग्राम और फरीदाबाद तकआ गया है। सूत्रों के अनुसार नूंह में हुई हिंसक घटना को अंजाम देने वालों पर नकेल कसने के लिए 15 टीमों का गठन किया गया है।
हिंसा की आग की वजह शोभायात्रा के दौरान 2 गुटों में टकराव
 जानकारी के आधार पर रेड एक्शन फोर्स के जवान जिलों में आतंकियों पर नजर रखने में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं हरियाणा से जुड़ी राजस्थान के जूनागढ़ की सीमा को भी सील कर दिया गया है। हरियाणा के नूंह के दो जिलों में हिंसक शरणार्थियों को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई गई है। जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवा भी बंद की गई है। बता दें जिलों में 2 अगस्त तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। देखा जाए तो अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह से घुसपैठ को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।  खबर आ रही है कि हिंसक घटना में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। 
सूत्रों के अनुसार SP नरेंद्र सिंह के मुताबिक मोनू मानेसर नूंह सचिवालय में शामिल नहीं था, उसका नाम किसी भी तोड़फोड़ में शामिल नहीं है। आगे बता दें मामले में अब तक 16 रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। अवशेषों की संख्या 30 से 40 तक भी पहुंच सकती है। आखिरी में बता दें नूंह में हिंदू संगठन ब्रजमंडल की यात्रा चल रही थी, इसी दौरान दो गुटों के बीच गुटबाजी और पथराव शुरू हो गया. हिंसा के बाद जब वह गुरुग्राम से मेवात जा रही थीं तो रास्ते में उनके साथ भी बदमाशों ने अपवित्रता की। 

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