पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि देश में चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की खासी गुंजाइश है। इसके साथ ही मुखर्जी ने डाक्टरों पर हमलों की निंदा की।
मुखर्जी शनिवार को यहां बिड़ला ऑडिटोरियम में 26वीं राज मेडिकोन-2019 की दो दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा चिकित्सा के क्षेत्र में अधिक निवेश हो, नवाचार हो और शोधार्थियों को बेहतरीन अवसर व माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ गांव-ढाणी और दूर-दराज के क्षेत्रों तक नहीं पहुंचेगा तब तक आमजन लाभान्वित नहीं हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का पेशा समाज के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित होता है। उन्होंने पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में परिजनों द्वारा डॉक्टरों पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि मरीजों के परिजनों को ऐसे मामलों में धैर्य नहीं खोना चाहिए। डॉक्टर कम संसाधनों के बावजूद अधिकाधिक लोगों की सेवा करते हैं।
सरकारी बयान के अनुसार इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य में आमजन को बेहतरीन चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सकों की सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर तबके को अच्छी सेहत का अधिकार दिलाने के लिए विधानसभा के इस सत्र में ‘राइट टू हैल्थ’ बिल लाएगी।
इस अवसर पर चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव रोहित कुमार सिंह, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव आर वी शेखरन भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।


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