1 अक्टूबर का पंचांग: आश्विन कृष्ण पंचमी पर बन रहे खास योग, जानें अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल

Summary :

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। पंचांग के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। सनातन धर्म में आश्विन मास को बेहद खास माना जाता है। इस महीने देवी उपासना के साथ-साथ पितरों से जुड़े धार्मिक कर्म भी किए जाते हैं। ऐसे…

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

पंचांग के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। सनातन धर्म में आश्विन मास को बेहद खास माना जाता है। इस महीने देवी उपासना के साथ-साथ पितरों से जुड़े धार्मिक कर्म भी किए जाते हैं। ऐसे में यह दिन पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साथ ही, गुरुवार का दिन पड़ने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने और माता लक्ष्मी का ध्यान करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

1 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:22 बजे और सूर्यास्त शाम 6:10 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:40 बजे तथा चंद्रास्त दूसरे दिन सुबह 11:58 बजे होगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। सिद्धि योग शाम 9:17 बजे तक रहेगा। करण तैतिल रहेगा। सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे।

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है। आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है। माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं। वहीं, राहुकाल दोपहर 1:45 बजे से 3:13 बजे तक रहेगा, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है।

गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर दिशाशूल रहेगा। ऐसे में इस दिशा में यात्रा करने से बचें, लेकिन यदि यात्रा करना जरूरी हो तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उपाय कर आप दक्षिण दिशा की ओर यात्रा कर सकते हैं।

–आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.