बंगाल चुनाव : अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में पवित्र कर टीएमसी में शामिल

Summary :

कोलकाता, 17 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। बोयाल-1 ग्राम पंचायत के पूर्व भाजपा नेता पवित्र कर ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम लिया। वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल में शामिल हुए। टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस जानकारी को साझा करते हुए कहा कि पवित्र कर ने भाजपा की ‘जनविरोधी नीतियों’ से नाराज होकर यह फैसला लिया है। पार्टी ने बताया कि अब वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में ‘मां-माटी-मानुष’…

कोलकाता, 17 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। बोयाल-1 ग्राम पंचायत के पूर्व भाजपा नेता पवित्र कर ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम लिया।

वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल में शामिल हुए।

टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस जानकारी को साझा करते हुए कहा कि पवित्र कर ने भाजपा की ‘जनविरोधी नीतियों’ से नाराज होकर यह फैसला लिया है।

पार्टी ने बताया कि अब वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में ‘मां-माटी-मानुष’ की भावना के साथ लोगों के हित में काम करेंगे। टीएमसी ने उनका स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वह जनता की सेवा में पूरी निष्ठा से योगदान देंगे।

पवित्र कर का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वह पहले भी तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रह चुके हैं। साल 2018 में वह बोयाल क्षेत्र के दो गांवों के प्रधान (मुखिया) थे और इलाके में एक मजबूत जनाधार रखते थे। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा का रुख कर लिया था।

इसके बाद 2023 में उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर बोयाल क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों की प्रमुख का पद संभाला। नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां दो ब्लॉक हैं, जिनमें से नंदीग्राम-2 ब्लॉक में भाजपा की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है। पवित्र कर इसी ब्लॉक के निवासी हैं और इलाके में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं।

तृणमूल में रहते हुए भी पवित्र कर की क्षेत्र में अच्छी पकड़ और लोकप्रियता रही है। ऐसे में, उनकी वापसी को स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

15 मार्च को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा की थी। पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में चुनाव होने हैं, मतदान के लिए 23 और 29 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

–आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.