बस्तर 2.0 की शुरुआत: सीएम विष्णुदेव साय ने पीएम मोदी को दिया निमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए पीएम मोदी का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का निमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त…

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए पीएम मोदी का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा।

साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का निमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

सीएम विष्णुदेव साय ने अपने विकास दस्तावेज में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत 2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहां अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

–आईएएनएस

एसके/एएस

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