Bharat Bandh 12 February: आज पूरे देश में विभिन्न संगठनों की हड़ताल जारी है। इसका मुख्य उद्देश्य वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों से जुड़ी मांगें उठाना है। कई ट्रेड यूनियन, कर्मचारी संघ और किसान संगठन इसमें शामिल हैं। राज्य और शहरों में बस, रेल और सड़क परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। बैंक, दफ्तर और कुछ उद्योग बंद रह सकते हैं। सरकार और हड़ताली संगठनों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल कोई समझौता नहीं हुआ है। नागरिकों को यात्रा और जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Central trade unions strike: एनएफआईटीयू हड़ताल से अलग, काम पर जाने की सलाह
इसी बीच कर्नाटक स्थित नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (एनएफआईटीयू) ने गुरुवार को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल और भारत बंद में भाग न लेने का फैसला किया है। संगठन के अध्यक्ष वी. वेंकटेश ने कहा कि हड़ताल के पीछे केवल राजनीति है और उनकी यूनियन इसमें शामिल नहीं होगी। उन्होंने सभी संबद्ध ट्रेड यूनियनों को निर्देश दिया है कि वे काम पर जाएं और हड़ताल में हिस्सा न लें।
केंद्र सरकार के श्रम सुधारों का समर्थन
वेंकटेश ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड का स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया और सचिव वंदना गुरनानी की तारीफ करते हुए कहा कि ये कोड मजदूरों के हित में हैं। विशेष रूप से वेतन संहिता (वेज कोड) लंबे समय से लंबित थी, जिसे अब पूरे देश में समान रूप से लागू किया गया है।
फिक्स्ड-टर्म ट्रेनी और भविष्य निधि पर चर्चा
वेंकटेश ने फिक्स्ड-टर्म ट्रेनी व्यवस्था का भी समर्थन किया। अब प्रशिक्षण पूरा करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा, जो पहले संभव नहीं था। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय श्रम मंत्री से भविष्य निधि (प्रोविडेंट फंड) की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि यह सभी मजदूरों के लिए बड़ा लाभ है।
MGNREGA restoration: हड़ताल का व्यापक असर सीमित रह सकता है
वेंकटेश ने कहा कि व्यापक समर्थन नहीं मिलेगा क्योंकि कई सार्वजनिक क्षेत्र और निजी उद्योग हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। वहीं, कुछ मजदूर, खासकर वामपंथी दलों से जुड़े संगठन, हड़ताल में जा सकते हैं। दूसरी ओर, संयुक्त केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इससे बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और जल आपूर्ति जैसी सेवाओं पर आंशिक असर पड़ सकता है।
किसने बुलाया भारत बंद?
यह भारत बंद दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने बुलाया है, जिनमें AITUC, INTUC, CITU, HMS, TUCC, SEWA, AIUTUC, AICCTU, LPF और UTUC शामिल हैं। साथ ही, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), कृषि मजदूर संगठन, छात्र और युवा संगठन भी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।
State transport disruption: क्या है मुख्य मांगें
ड्राफ्ट सीड बिल, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल और शांति एक्ट को खत्म करना, MGNREGA को बहाल करना, और विकसित भारत – रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 के लिए गारंटी को वापस लेना प्रमुख मांगें हैं।
Bharat Bandh 12 February: क्या खुल सकता है और क्या बंद रह सकता है:
सरकारी बैंक, बीमा कार्यालय, सरकारी दफ्तर और PSU प्रभावित हो सकते हैं। कुछ राज्यों में राज्य परिवहन सेवाएं, औद्योगिक इकाइयां, मैन्युफैक्चरिंग हब, कोयला और स्टील सेक्टर, और विरोध वाले क्षेत्रों में MGNREGA कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, दुकानों और स्थानीय सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
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