नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल हादसे का झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री सोरेन ने इस संबंध में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है।
मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल के धंसने से झारखंड के खूंटी, गुमला, आदि जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर मिली। इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात हुई। उन्होंने आश्वस्त किया है कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सोरेन ने कहा कि बार-बार निर्माणाधीन सुरंगों में हादसों और श्रमिकों के फंसे होने की खबरें मन को व्यथित करती हैं। विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम हमें बार-बार चेताते हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड के जिन लोगों के परिजन अथवा परिचित इस परियोजना में काम करने गए हैं, उनसे अपील है कि राज्य सरकार के कंट्रोल रूम नंबर हेल्पलाइन नंबर (टोल फ्री): 1800-3456-526, हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर: 9470132591, 9431336472, 9431336427 पर संपर्क कर कृपया जानकारी साझा करें। सरकार हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार देर रात्रि चमोली स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल राज्य आपदा परिचालन केंद्र देहरादून पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां से पूरे राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है तथा उनके उपचार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा और पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
ताजा जानकारी के अनुसार सुरंग में कुल 22 व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना है, जिनमें से 16 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।
–आईएएनएस
एमएस/
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