‘चोरों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए’, बद्रीनाथ प्रकरण पर बोले पूर्व सीएम कोश्यारी

नैनीताल, 12 जुलाई (आईएएनएस)। बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी के मामले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

नैनीताल में पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि चोरी चाहे किसी के घर में हो या फिर बद्रीनाथ। चोरों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

दूसरी ओर, पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी को कुमाऊं विश्वविद्यालय में सम्मानित किया गया।

पूर्व सीएम ने फेसबुक पेज पर लिखा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अभिनंदन एवं सम्मान समारोह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विश्वविद्यालय परिवार, गुरुजनों एवं प्रिय विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित आत्मीय स्नेह, सम्मान और अपनत्व से हृदय भावविभोर है। इस अवसर पर विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर उत्तराखंड एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय, सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी सामर्थ्य है। यदि हमारी प्रतिभा, ऊर्जा और संकल्प राष्ट्रहित के लिए समर्पित हों तो विकसित भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से साकार होगा। कुमाऊं विश्वविद्यालय परिवार द्वारा प्रदान किए गए इस आत्मीय सम्मान और स्नेह के लिए हृदय की गहराइयों से सभी का धन्यवाद।

पूर्व सीएम ने कहा कि मैं 1960 से कुमाऊं यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ हूं। उस समय, यह आगरा यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आती थी। मैंने अल्मोड़ा कॉलेज में बीए प्रोग्राम में एडमिशन लिया था, और तब से मैं इससे जुड़ा हुआ हूं और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए भी विश्वविद्यालय की गतिविधियों में लगातार भाग लेते रहे।

पद्म भूषण पुरस्कार का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राज्य का सम्मान बताया है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का भारतीय राजनीति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान है। उन्होंने उन्हें उत्तराखंड में वाजपेयी के समकक्ष बताया।

प्रो. रावत ने कहा कि इतने बड़े व्यक्तित्व का सम्मान करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।

–आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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