नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली के रिज क्षेत्र में बड़ी संख्या में कांटेदार बबूल और कई तरह के ऐसे पेड़ हैं, जो देखने में हरियाली का अहसास तो कराते हैं, लेकिन पर्यावरण के लिए उतने लाभदायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू कर रही है।
गृह मंत्री ने बताया कि 1994 में भारतीय वन अधिनियम के तहत 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को अधिसूचित किया गया था, लेकिन पिछले 30 वर्षों में इसकी अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके संरक्षण की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
अमित शाह ने रेखा गुप्ता सरकार की सराहना करते हुए कहा कि अब 5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही पूरे रिज क्षेत्र को कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके जरिए रिज की जैव विविधता को पुनर्जीवित, मिट्टी और जल संसाधनों का संरक्षण तथा दिल्ली के पर्यावरण को नई ऊर्जा और नया जीवन देने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में पूरे रिज क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे ऐसे पेड़ लगाए जाएंगे, जो 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसी के साथ दिल्ली रिज को राजधानी के ‘ग्रीन लंग्स’ के रूप में विकसित करने का मिशन शुरू हो गया है।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भी जमकर सराहना की। उन्होंने इसे देश में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक बेहद प्रेरणादायक और अनूठा प्रयास बताया।
इस अभियान में नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) भी अहम भूमिका निभा रही है। एनडीएमसी ने इस अभियान के तहत करीब 600 पेड़ और 50 हजार झाड़ियां लगाने का लक्ष्य रखा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज दिल्ली सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम एक ही मंच से आयोजित किए गए हैं। इनमें नरेला में हाई सिक्योरिटी प्रिजन का शिलान्यास, स्वचालित वाहन टेस्टिंग सेंटर और तीन नव निर्मित डेपो का लोकार्पण किया गया। साथ ही, 300 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की शुरुआत भी हुई।”
उन्होंने कहा, “आज दिल्ली सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम एक ही मंच से आयोजित किए गए हैं। इनमें नरेला में हाई सिक्योरिटी प्रिजन का शिलान्यास, स्वचालित वाहन टेस्टिंग सेंटर और तीन नव निर्मित डेपो का लोकार्पण किया गया। साथ ही, 300 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की शुरुआत भी हुई।”
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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