कोलकाता, 21 सितंबर (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने सोमवार को बताया कि रविवार रात दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में बदमाशों ने कथित तौर पर ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के एक दफ्तर में तोड़फोड़ की।
रविवार रात को कथित तौर पर ऑफिस का दरवाजा तोड़ दिया गया और फर्नीचर व अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया। यह घटना उस इलाके में पूर्व तृणमूल विधायक देबब्रत मजूमदार के पार्टी ऑफिस और घर पर हमले के एक दिन बाद हुई।
ममता गुट के तृणमूल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब वे इस घटना के बाद शहर की विद्यासागर कॉलोनी नंबर 4 स्थित ऑफिस पहुंचे, तो उन्होंने सोफा सेट को पलटा हुआ पाया। उन्होंने यह भी कहा कि दीवार पर लगा पार्टी का झंडा फटा हुआ और बिखरा पड़ा था।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि पानी का जग टूटा हुआ था और ऑफिस के अंदर एक अलमारी को खंगालने और उसमें तोड़फोड़ करने की कोशिश की गई थी। ममता गुट के नेताओं का आरोप है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के संरक्षण में काम करने वाले उपद्रवियों ने हमले की साजिश रची थी। हालांकि भाजपा ने इस आरोप से इनकार किया है।
हालांकि, ममता गुट द्वारा जारी वीडियो फ़ुटेज में किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा साफ तौर पर नहीं दिखा और न ही किसी खास व्यक्ति की पहचान हो सकी। भाजपा नेताओं ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि यह घटना तृणमूल के अंदरूनी गुटों के झगड़े का नतीजा है।
इस घटना के संबंध में नेताजी नगर पुलिस स्टेशन को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी गई। एक स्थानीय ममता तृणमूल कार्यकर्ता ने कहा कि हमारे पार्टी ऑफिस में भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने तोड़-फोड़ की। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने जाधवपुर में जांच शुरू कर दी है और शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच कर रही है। इस घटना के सिलसिले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
शनिवार रात, उपद्रवियों के एक समूह पर जादवपुर में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के कई ऑफिसों में तोड़फोड़ करने और पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक देबब्रत मजूमदार के घर और पार्टी ऑफिस पर हमला करने का भी आरोप था।
पुलिस ने रविवार सुबह बताया कि मोटरसाइकिल सवार उपद्रवियों के एक गिरोह ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कम से कम छह वार्डों में पार्टी ऑफिसों में जमकर तोड़फोड़ की।
हमलावरों ने कथित तौर पर पार्टी के झंडे नीचे गिरा दिए और उन्हें जमीन पर फेंक दिया। वार्ड 96 से लंबे समय तक पार्षद और पूर्व विधायक रहे मजूमदार के घर और ऑफिस पर भी कथित तौर पर हमला किया गया था।
पहले हुए हमलों में शामिल लोगों की पहचान और वे किस गुट से जुड़े थे, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या तोड़फोड़ की यह घटना पहले हुई घटनाओं से जुड़ी है जबकि दोनों पक्षों ने हमलों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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