जयपुर कलेक्टर ने जनगणना में स्वयं गणना के लिए जनता से भागीदारी का आह्वान किया

जयपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के जयपुर जिले में जनगणना के पहले चरण की स्वयं गणना प्रक्रिया 1 से 15 मई तक चलेगी। निवासी डेस्कटॉप कंप्यूटर या स्मार्टफोन का उपयोग करके आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

प्रधान जनगणना अधिकारी और जिला कलेक्टर संदेश नायक ने जिले के सभी निवासियों से स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और सटीक डेटा जमा करने की अपील की है।

उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि सत्यापन के लिए घर-घर जाकर जनगणना करने वाले अधिकारियों के साथ अपना वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साझा न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना पूरी होने के बाद भी आधिकारिक प्रक्रिया के तहत जनगणना अधिकारी जमा किए गए डेटा का सत्यापन और मिलान करने के लिए घरों का दौरा करेंगे।

स्व-गणना प्रक्रिया के दौरान, उपयोगकर्ता “पूर्वावलोकन” स्क्रीन पर अपनी प्रविष्टियों की समीक्षा कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक सुधार कर सकेंगे। हालांकि, डेटा “अंतिम रूप से जमा” हो जाने के बाद, इसे ऑनलाइन संपादित नहीं किया जा सकता है। आवश्यक सुधार जनगणना अधिकारी के घर जाकर किए जा सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना 2027 के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जयपुर हेरिटेज नगर निगम के अंतर्गत किशनपोल जोन के वार्ड 55, 56 और 63 में नवंबर 2025 तक जनगणना का पूर्व-परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

जनगणना अवधि के दौरान प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए, प्रशासनिक इकाई मानचित्रों और सूचियों के सत्यापन के साथ-साथ “सीमा निर्धारण” की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी कर ली गई।

सुचारू रूप से कार्य संपन्न कराने के लिए जिला और प्रभार स्तर पर जनगणना प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। जिले में कुल 5,277 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें 4,779 गणनाकर्ता और 780 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

जनगणना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी चरणबद्ध तरीके से पूरा कर लिया गया है ताकि सभी परिचालन स्तरों पर तैयारी सुनिश्चित हो सके।

घर सूचीकरण और आवास जनगणना की अधिसूचना 22 जनवरी, 2026 को जारी की गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण 10 से 11 फरवरी तक आयोजित किया गया, इसके बाद जिला जनगणना प्रकोष्ठ के कर्मचारियों के लिए 16 से 18 फरवरी तक और प्रभार अधिकारियों और अन्य अधिकारियों के लिए 19 से 20 फरवरी तक अतिरिक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) के अंतर्गत आईडी मैपिंग, ब्लॉक निर्माण और कर्मियों की सूची तैयार करने जैसे कार्य पूरे कर लिए गए हैं। स्व-गणना चरण के बाद मकानों की सूची और आवास जनगणना 16 मई से 14 जून तक आयोजित की जाएगी।

जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्व-गणना और मकानों की सूची बनाने की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और लगन से संपन्न करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने जन प्रतिनिधियों और नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक भागीदारी करें और सुचारू एवं सटीक जनगणना प्रक्रिया के लिए स्व-गणना पोर्टल का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करें।

–आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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