गांधीनगर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को ‘स्वागत’ कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासनों को नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध, न्यायिक और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
राज्यव्यापी स्वागत ऑनलाइन जन शिकायत निवारण कार्यक्रम के तहत मासिक सुनवाई के दौरान राज्य भर से 110 से अधिक शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित हुए।
अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तरीय स्वागत सुनवाई में कुल 1,335 अभ्यावेदनों पर विचार किया गया और आवश्यक कार्रवाई एवं अनुवर्ती कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
मामलों की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक उत्तरदायित्व तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कि प्रत्येक शिकायत का समाधान न हो जाए, न कि विभागों के बीच फाइल के हस्तांतरण के साथ समाप्त हो जाए।
उन्होंने कहा कि किसी नागरिक के मुद्दे के पूर्ण समाधान तक प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही बनाए रखी जानी चाहिए। जिला प्रशासनों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण नागरिकों को असुविधा न हो।
ऑनलाइन शासन प्रणालियों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि तकनीकी या प्रक्रियात्मक खामियों के कारण जनता को देरी या कठिनाई न हो।
पंचमहल जिले के एक मामले में कृषि भूमि बेचने की अनुमति के लिए आईओआरए पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत आवेदन को बिना समाधान के बार-बार विभागों के बीच स्थानांतरित किया गया।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि इस तरह की प्रक्रियात्मक गतिविधियों के कारण मामले लंबित न रहें और प्रणाली की अक्षमताओं के कारण आवेदकों को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
भरूच जिले के झगड़िया तालुका में एक किसान ने कर्जन जलाशय परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का भुगतान न होने का मुद्दा उठाया, जबकि परियोजना को मंजूरी मिल चुकी थी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मुआवजा 10 दिनों के भीतर दिया जाए और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिनमें कथित तौर पर नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों से धोखा दिया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
मेहसाना जिले में किसानों ने पुनर्सर्वेक्षण के बाद भूमि अभिलेखों में विसंगतियों और दर्ज भूमि क्षेत्र में परिवर्तन के संबंध में सामूहिक अभ्यावेदन प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को सत्यापन पूरा करने और माप के बाद भूमि अभिलेखों में समय पर सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “फाइलों को इधर-उधर करने से जिम्मेदारी का निपटारा नहीं होता है, और अधिकारियों को स्पष्ट जवाबदेही के साथ शिकायतों का अंतिम निपटारा सुनिश्चित करना चाहिए।”
–आईएएनएस
ओपी/डीकेपी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)





















