भावनगर, 24 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने भावनगर जिले में जहरीली शराब के मामले में 13 और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 27 हो गई है। जांचकर्ता मेथनॉल और अन्य केमिकल की सप्लाई चेन का पता लगा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर जहरीली शराब बनाने में किया गया था।
हाल ही में हुई गिरफ्तारियां, पहले गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर की गईं। इस जानकारी से जांचकर्ताओं को कच्चा माल कहां से आया, जहरीली शराब बनाने का तरीका और इसे बेचने और बांटने में शामिल लोगों का पता लगाने में मदद मिली।
अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया।
जांच तब शुरू हुई जब 18 अगस्त को भावनगर जिले के वारतेज पुलिस स्टेशन में एक आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने पाया कि लोगों ने मेथनॉल वाली जहरीली शराब पी थी। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके बाद, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 105, 123, 61(2), 3(5), 274, 275, 345(3) और 349 और निषेध अधिनियम की धाराओं 65(ए)(बी)(डी)(ई)(एफ), 65A(2), 65A(3), 67(1)ए, 81 और 83 के तहत 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी एस मलिक के निर्देश पर, जांच एसएमसी को सौंप दी गई और पुलिस इंस्पेक्टर एस एम जडेजा ने इसकी कमान संभाली।
एसएमसी ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के अलग-अलग जिलों में 16 टीमें तैनात कीं।
ये टीमें मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत, उन्हें लाने वाले ट्रांसपोर्टरों, आरोपियों और उन जगहों की जांच कर रही हैं जहां से कच्चा माल गुजरात में आया।
पहली 14 गिरफ्तारियों के दौरान ही जहरीले रसायन वाली शराब की बोतलें जब्त कर ली गई थीं।
बाद में उनसे हुई पूछताछ से जांचकर्ताओं को कच्चा माल खरीदने और शराब बनाने व बांटने के बारे में जानकारी मिली।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का रहने वाला आनंद छंडी भी शामिल है। पुलिस का आरोप है कि उसे उज्जैन से लाया गया था और उसने जहरीली शराब बनाने की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन उपलब्ध कराना भी शामिल था। बाकी 12 आरोपियों में, अरविंद उर्फ पांडे सोलंकी, संजय मकवाना, नितिन उर्फ मुन्ना मोरी, किशोर उर्फ पोचो सोलंकी, मयूर सोलंकी, संजय मोरी, मुकेश उर्फ कचोरी बारैया, संजय उर्फ चक्रम बारैया, निर्मलसिंह वाघेला, पार्थराजसिंह गोहिल, संजय चावड़ा और भागीरथसिंह गोहिल शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, ये 12 आरोपी भावनगर जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और सप्लाई चेन में शामिल थे। आरोप है कि इन्होंने शराब खरीदी, उसे अपने पास रखा और ग्राहकों को सप्लाई या बेची।
हालिया गिरफ्तारियों के साथ, एसएमसी ने बताया कि जहरीली शराब बनाने और बांटने की साज़िश में शामिल होने के आरोप में कुल 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वे जानते थे कि इसे पीने से जान जा सकती है।
पुलिस सबूत इकट्ठा कर रही है और उन लोगों का पता लगा रही है जो ज़हरीली शराब के लिए केमिकल खरीदने, उसे बनाने, ट्रांसपोर्ट करने और बांटने में शामिल थे।
एसएमसी ने कहा कि उसकी टीमें बाकी आरोपियों को पकड़ने और जहरीली शराब की सप्लाई के पीछे के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
–आईएएनएस
एससीएच
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