भोपाल, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भोपाल स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और संभावित वायुमंडलीय गड़बड़ी को लेकर अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन कई क्षेत्रों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। खजुराहो में राज्य का अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
विदिशा, रायसेन, रतलाम, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दमोह और सागर सहित कई जिलों में भीषण गर्मी पड़ रही है।
दिन की भीषण गर्मी के अलावा, उमरिया जिले में रातें भी गर्म हैं, जहां न्यूनतम तापमान असहनीय रूप से अधिक बना हुआ है।
पचमढ़ी में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे मौजूदा गर्मी से कुछ राहत मिली।
भोपाल में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों ने कई मौसमी प्रणालियों की पहचान की है, जिनमें उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब और राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण शामिल हैं।
इन प्रणालियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मोरेना, सिंगरौली, रीवा और पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्रों के आसपास के जिले उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं।
भोपाल में आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है, और हवा की औसत गति 14 से 16 किमी प्रति घंटा रहेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र ने निवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधी धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
किसानों को फसलों की नियमित सिंचाई सुनिश्चित करने और पशुओं को छायादार, हवादार आश्रयों में रखने की सलाह दी गई है।
आगे की बात करें तो विभाग ने अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट का अनुमान लगाया है, जिसके बाद लगभग 2 मई को क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने से तापमान में फिर से वृद्धि होगी।
तीव्र सौर विकिरण और तेज हवाओं (सीहोर में 52 किमी प्रति घंटा और भोपाल में 43 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई) के संयोजन से सार्वजनिक स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो रही है।
अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि मिट्टी में नमी की कमी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।
इसके अलावा, लगभग 2 मई के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने की आशंका से संकेत मिलता है कि तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन राज्य को आने वाले सप्ताह में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव और बिजली गिरने के संभावित खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए।
–आईएएनएस
एमएस/
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