बेंगलुरु, 24 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि वे कावेरी नदी के जल बंटवारे विवाद से जुड़े मुद्दों पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से बातचीत करने को तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने देशव्यापी नीट विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर शिक्षा व्यवस्था से संबंधित चिंताओं पर चर्चा करने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया।
बेंगलुरु टेक समिट से पहले सीईओ की नाश्ता बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार कावेरी नदी विवाद से संबंधित मामलों पर तमिलनाडु सरकार सहित सभी हितधारकों के साथ चर्चा के लिए तैयार है।
शिवकुमार ने आगे कहा कि मैं इस समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पत्र की सामग्री को सार्वजनिक नहीं करना चाहता। इस सप्ताह हम मंत्रिमंडल विस्तार और अन्य मामलों में व्यस्त रहे हैं। कुछ मुद्दों पर हम सभी से बात करने, सभी के साथ जानकारी साझा करने और सभी के साथ काम करने को तैयार हैं।
उनकी यह टिप्पणी कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर भेजे गए पत्र के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में आई।
हालांकि, अंदरूनी सूत्रों ने पुष्टि की है कि कावेरी जल बंटवारे के चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के बीच वार्ता की तैयारियां चल रही हैं।
दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है।
यदि यह बैठक होती है तो यह कई दशकों में उन दुर्लभ अवसरों में से एक होगा जब दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री कावेरी मुद्दे और आपसी हित के अन्य मामलों पर सीधी बातचीत के लिए एक साथ आएंगे।
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार ने बैठक का अनुरोध किया है और इसके जवाब में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री विजय को 3 अगस्त को बेंगलुरु में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार किया है या नहीं।
अब तक, डीएमके और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की लगातार सरकारों ने कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर कर्नाटक के साथ सीधी बातचीत करने से लगातार इनकार किया है। तमिलनाडु का आधिकारिक रुख यह रहा है कि कावेरी विवाद कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पहले ही सुलझा लिया गया है।
इस बीच, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भी नीट परीक्षा को लेकर छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा व्यवस्था से संबंधित चिंताओं पर विचार-विमर्श करने के केंद्र के कदम का स्वागत किया।
शिवकुमार ने कहा कि यह उत्साहजनक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने एक महीने बाद आखिरकार शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए आगे कदम बढ़ाया है। पूरा देश अब इस मुद्दे को लेकर जागरूक हो गया है। हम सभी इस देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए काम कर रहे हैं।
ये टिप्पणियां नीट परीक्षा के संचालन को लेकर जारी बहसों और देश भर में छात्रों और विपक्षी दलों द्वारा परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया में सुधार की बढ़ती मांगों के बीच आई हैं।
शिवकुमार ने दोहराया कि कर्नाटक सरकार राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और साथ ही अंतरराज्यीय मुद्दों पर पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद और सहयोग बनाए रखेगी।
–आईएएनएस
एमएस/
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