बेंगलुरु, 24 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को जक्कूर स्थित गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल का दौरा किया और इसके कामकाज और गतिविधियों का जायजा लेने के लिए समीक्षा बैठक की।
उन्होंने बताया कि 1940 में स्थापित गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल (जीएफटीएस) को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से रिन्यू किया हुआ लाइसेंस मिल गया है, जिससे पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम को फिर से शुरू करने और जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है।
बैठक में युवा सशक्तीकरण और खेल विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवीन राज सिंह, कमिश्नर एमएन अनुचेथ, संस्थान के डायरेक्टर बसवराज और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
डिप्टी सीएम और राजस्व, युवा सशक्तिकरण और खेल मंत्री परमेश्वर के ऑफिस से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, डीजीसीए ने फ्लाइंग स्कूल का लाइसेंस पांच साल की अवधि के लिए रिन्यू किया है, जो 16 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2031 तक प्रभावी रहेगा। कुछ प्रशासनिक और रेगुलेटरी कारणों से संस्थान का लाइसेंस दिसंबर 2023 में रद्द कर दिया गया था।
यह रिन्यूअल डीजीसीए द्वारा की गई व्यापक जांच के बाद हुआ है, जिसमें सभी ऑपरेशनल पहलुओं की जांच, फ्लाइट डेमोंस्ट्रेशन और रनवे सुरक्षा मानकों का आकलन शामिल था।
अधिकारियों ने बताया कि स्कूल में अभी एक चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और दो फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं। इसके पास पांच विमानों का बेड़ा है, जिनमें से तीन सेसना 172पी, सेसना 172एस और टेक्नाम पी2006टी अभी उड़ान भरने के लिए तैयार और ऑपरेशनल हैं। वहीं, दो और विमान टेक्नाम पी2010 और सेसना 152 के जल्द ही ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
स्कूल पहले की तरह प्राइवेट पायलट लाइसेंस (पीपीएल), कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) और मल्टी-इंजन एंडोर्समेंट के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम देना जारी रखेगा।
अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा छात्रों के लिए ट्रेनिंग बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। साथ ही नए छात्रों के लिए एडमिशन भी शुरू होंगे। गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल की कुल क्षमता 30 छात्रों की है।
अधिकारियों ने बताया कि डीजीसीए की मंजूरी और विस्तृत सुरक्षा जांच के बाद सर्टिफिकेशन मिलने के बाद, यह संस्थान अब ऑपरेशनल सुरक्षा को लेकर बिना किसी चिंता के फ्लाइंग ट्रेनिंग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आठ दशक से भी पहले स्थापित गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल देश के सबसे पुराने एविएशन ट्रेनिंग संस्थानों में से एक है और उम्मीद है कि यह भारत में ट्रेंड पायलटों की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
–आईएएनएस
एएसएच/पीएम
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