चंडीगढ़, 19 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को इस बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, काउंटर इंटेलिजेंस विंग के विदेशी भगोड़े ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ (ओएफटीईसी) ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद से दविंदर बंबिहा के गिरोह से जुड़े तीन वांछित अपराधियों के निर्वासन का मार्ग प्रशस्त किया। ये सभी अपराधी मलेशिया से जुड़े दविंदर बंबिहा के गिरोह से जुड़े हैं।
इन आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ बहबल के रूप में हुई है। यह फरीदकोट का रहने वाला है। वहीं, दूसरी अपराधियों की पहचान अजय सिंह और पवनदीप सिंह के रूप में हुई है। यह दोनों अपराधी राजस्थान के गंगानगर से हैं।
डीजीपी यादव ने बताया कि इन सभी आरोपियों को मलेशिया से भारत निर्वासित होने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इन सभी आरोपियों को पंजाब में जांच के लिए लाया गया है।
यह तीनों आरोपी मलेशिया से जुड़े दविंदर बंबीहा गैंग में शामिल थे। यह सभी आरोपी कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिसमें हत्या, वसूली, विस्फोटक पदार्थों की आपूर्ति और लुधियाना में सुनियोजित तरीके से हैंड ग्रेनेड विस्फोट शामिल था। इसके तार पाकिस्तान के आईएसआई से जुड़े भी बताए गए थे।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया प्रतिरक्षित) अमित प्रसाद ने बताया कि निर्वासन और इन भगोड़े आरोपियों की गिरफ्तारी इस इंटेलिजेंस की ओर से लगातार की जा रही कार्रवाई का ही नतीजा है। यह कार्रवाई पिछले कई महीनों से जारी है। इस कार्रवाई के तहत सभी भगोड़े अपराधियों की गतिविधियों की करीब से निगरानी की जा रही थी।
इस कार्रवाई का नतीजा यह हुआ कि इन सभी आरोपियों का मलेशिया से भारत निर्वासन मुमकिन हो पाया।
पुलिस महानिरीक्षक (ओएफटीईसी) आशीष चौधरी ने कहा कि जसप्रीत साल 2019 में मलेशिया पहुंचा था। जहां पर उसका संपर्क एक भगोड़े अपराधी से हुआ था। इसके जरिए वो बाद में बंबीहा गिरोह में शामिल हुआ। इसके बाद वो इस गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में उभरकर सामने आया।
उन्होंने कहा कि इससे पहले आरोपी को यादविंदर सिंह और जीवनजोत सिंह चहल के ड्राइवर के 2025 के मर्डर केस के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने कहा कि अजय सिंह और पवन दीप सिंह भी बंबीहा गिरोह से जुड़े मुख्य संचालक हैं। इन्हें 2025 में लुधियाना ब्लास्ट को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, लुधियाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इन आरोपियों के कब्जे से एक चीनी हथगोला बरामद किया गया था।
इस दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने ओईटीईसी की स्थापना की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ही विदेश में बैठे अपराधियों को पकड़ने के लिए उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करना था, ताकि ऐसे अपराधियों को स्वदेश वापस लाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
–आईएएनएस
एसएचके/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



