गुजरात में ई-पेमेंट अभियान के जरिए औद्योगिक लाभार्थियों को 1,349 करोड़ रुपए वितरित

गांधीनगर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने गुरुवार को वित्तीय सहायता को तेजी और पारदर्शी बनाने के लिए एक ही डिजिटल लेनदेन के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के 11,029 लाभार्थियों को 1,349.50 करोड़ रुपए वितरित किए।

यह भुगतान सूरत में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) में आयोजित ‘सिंगल क्लिक पेमेंट प्रोग्राम’ के तहत उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी की मौजूदगी में किया गया।

राज्य के उद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की इस पहल का उद्देश्य एक आसान और तकनीक-आधारित प्रक्रिया के जरिए लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाना है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विभिन्न एमएसएमई योजनाओं के तहत 7,495 लाभार्थियों को 299.75 करोड़ रुपए दिए गए। वहीं, कपड़ा योजनाओं के तहत 3,423 लाभार्थियों को 538.76 करोड़ रुपए की सहायता दी गई।

इसके अतिरिक्त, बड़े उद्योगों की श्रेणी में 111 लाभार्थियों को 510.99 करोड़ रुपए आवंटित किए गए।

पूरी राशि एक ही बार में ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

सांघवी ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और वितरण प्रणाली में दक्षता को मजबूत करने के चल रहे प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया को और ज्यादा सरल, कुशल और तकनीक आधारित बनाने के प्रयास किए गए हैं, ताकि विभिन्न औद्योगिक और एमएसएमई योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा कि ये उपाय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में लागू किए जा रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक सहायता योजनाओं से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार करना है।

सरकार ने कहा कि यह पहल राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, निवेश को प्रोत्साहित करने, उत्पादन बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के उसके व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है।

इसमें यह भी बताया गया कि एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जा रही हैं।

वीजीआरसी (वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन) दक्षिण गुजरात का आयोजन 1 और 2 मई को सूरत स्थित ऑरो विश्वविद्यालय में किया जाएगा। इसका मुख्य केंद्र गुजरात की औद्योगिक प्रगति और बुनियादी ढांचे का विकास होगा।

सम्मेलन के साथ-साथ 1 से 5 मई तक ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय प्रदर्शनी’ भी आयोजित की जाएगी। इसमें वेंडर विकास कार्यक्रम और एक अंतरराष्ट्रीय ‘रिवर्स बायर-सेलर मीट’ भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों और विदेशी खरीदारों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देना है।

अधिकारियों ने बताया कि यह मंच विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों और निवेश के अवसरों पर व्यवस्थित चर्चा को भी बढ़ावा देगा। इन चर्चाओं के नतीजों को अगले ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ में आगे बढ़ाया जाएगा।

–आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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