मध्य प्रदेश: कई जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी, बारिश से गिरेगा तापमान

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भोपाल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल मौसम केंद्र ने बुधवार के लिए मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर और जबलपुर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के बाकी हिस्से ज्यादातर शुष्क रहे। अधिकतम तापमान अधिकांश संभागों में सामान्य से 3.2 से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सबसे अधिक तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम…

भोपाल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल मौसम केंद्र ने बुधवार के लिए मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर और जबलपुर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के बाकी हिस्से ज्यादातर शुष्क रहे।

अधिकतम तापमान अधिकांश संभागों में सामान्य से 3.2 से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सबसे अधिक तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार विदिशा, राजगढ़, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जिलों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।

आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और उत्तर व पश्चिमी जिलों में ओले गिरने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, बिजली के उपकरणों को प्लग से निकाल दें और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।

किसानों को सिंचाई, उर्वरक या कीटनाशक छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही फसलों को सहारा देने, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कटी हुई उपज को ढककर रखने की भी सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 11 अप्रैल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे आगे मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

–आईएएनएस

डीएससी

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