जबलपुर, 1 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी डैम पर गुरुवार को हुए क्रूज बोट हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 तक पहुंच गई है। वहीं, अब तक 24 लोगों को जीवित बचा लिया गया है, जिसमें से कुछ लोगों का इलाज चल रहा है।
शुक्रवार को बचाव दल ने फिर से सर्च ऑपरेशन तेज किया और पानी के अंदर से कई और शव बरामद किए। लगातार चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, आर्मी और स्थानीय टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं, लेकिन हालात बेहद मुश्किल बने हुए हैं।
बचाव में लगे एक कर्मी ने बताया कि अंदर जाना और काम करना बहुत ही कठिन हो गया है क्योंकि क्रूज बोट पूरी तरह उल्टी पड़ी हुई है। पानी के अंदर विजिबिलिटी लगभग शून्य है और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में टीम को अनुमान लगाकर खोज करनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक रेस्क्यू के दौरान कई शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें एक मां-बच्चा भी शामिल है। उनका कहना है कि यह सब इतना मुश्किल है कि शब्दों में बताना भी कठिन है। क्रूज के अंदर जगह बहुत कम है, खिड़कियां छोटी हैं और ग्रिल के बीच शव फंसे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि एक मां और बच्चे को एक साथ निकालना बहुत मुश्किल हो गया था। मां ने अपने बच्चे को मजबूती से पकड़ा हुआ था और दोनों को एक साथ उस छोटे से रास्ते से बाहर निकालना लगभग असंभव हो रहा था। लेकिन काफी कोशिशों के बाद उन्हें बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू टीम का कहना है कि अभी भी अंदर कई और शव होने की आशंका है। पानी गहरा है, अंधेरा है और पूरी नाव उलटी पड़ी है, इसलिए हर कदम बेहद सावधानी से उठाना पड़ रहा है। टीम लगातार सर्च कर रही है और कोशिश कर रही है कि जल्द से जल्द सभी को बाहर निकाला जा सके।
एक अन्य बचावकर्मी ने बताया कि स्थिति इतनी खराब है कि अंदर कुछ भी साफ दिखाई नहीं देता। कई बार तो यह भी समझ नहीं आता कि शव कहां है और कहां नहीं है। ऐसे में पूरी तरह अंदाजे और अनुभव के आधार पर ही काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर ग्रिल और टाइट स्पेस की वजह से शव फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने में काफी दिक्कत आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान हर बार जोखिम बना रहता है क्योंकि पानी के अंदर हालात बेहद अस्थिर हैं।
इस बीच, जबलपुर जनसंपर्क विभाग ने बरगी क्रूज दुर्घटना में लापता व्यक्तियों की सूची जारी की है। इसमें कुल नौ लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। सूची में तमिल (5 वर्ष), विराज सोनी (6 वर्ष), मयूरम (9 वर्ष), पूनम थापा (7 वर्ष), ज्योति श्रीवास (34 वर्ष), त्रिशान (4 वर्ष), प्रदीप मैसी, मरिना मैसी और कामराज का नाम दर्ज है।
–आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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