Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग शहर में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर अकेला आतंकवादी था और माना जा रहा है कि वह पाकिस्तानी था। अनंतनाग के लाल चौक पर मुख्य आरक्षी आशिक हुसैन कुरैशी पर दोपहर करीब 12:30 बजे हमला हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि घटना के कुछ ही देर बाद, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली।
Anantnag: अचानक हुई फायरिंग से इलाके में हड़कंप
मध्य कश्मीर के बीरवाह के रहने वाले कुरैशी, जम्मू-कश्मीर पुलिस की आईआरपी तीसरी बटालियन में तैनात थे। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि जिस दुकानदार से आशिक कुछ सामान खरीद रहे थे, उसे उस अज्ञात व्यक्ति के नापाक इरादों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। दुकानदार ने उस व्यक्ति से पूछा कि क्या वह कुछ खरीदना चाहता है, क्योंकि वह काफी देर से दुकान के बाहर कपड़े में लिपटी राइफल लिए खड़ा था।
Jammu and Kashmir: सर्च ऑपरेशन जारी
इस हमले से पुलिस महकमे में भारी आक्रोश है, क्योंकि अमरनाथ यात्रा के कारण इस इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत घटनास्थल की घेराबंदी की और जम्म-कश्मीर के सभी चार जिलों अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम में बड़े पैमाने पर आतंकवाद-विरोधी अभियान शुरू किया।
Deeply saddened by the death in the line of duty of Head Constable Ashiq Hussain of IRP 3rd Battalion J&K Police. HC Hussain made the ultimate sacrifice in a cowardly terror attack in Anantnag area of South Kashmir. I unequivocally condemn this attack & send my heartfelt…
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) July 22, 2026
पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने हालात का जायजा लेने के लिए लाल चौक का दौरा किया, जबकि सुरक्षा बलों ने ‘मोबाइल चेकपॉइंट’ बनाए और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिसकर्मी की मौत पर दुख जताया।
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