झारखंड में ‘मिलावटी’ तेल का सेवन करने से एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत, जांच जारी

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Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले में कथित तौर पर मिलावटी तेल से बना खाना खाने से पिछले 10 दिनों में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवार का एक और सदस्य रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती है। मरने वाले सभी लोग पडवा पुलिस थाना इलाके के सिक्का गांव के रहने वाले थे। उनकी पहचान कुलदीप महतो (50), उनकी बेटी बबीता कुमारी (20) और इंदु कुमारी, बहू श्वेता देवी (28) और बेटे नकुल महतो (20) के तौर पर हुई है।

इलाज के दौरान 2 लोगों की मौत

अधिकारियों के मुताबिक, कुलदीप महतो की मौत 19 जून को पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई, इसके बाद 20 जून को बबीता और 26 जून को इंदु की मौत हो गई। स्वेता देवी की रविवार को रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि नकुल ने सोमवार को इसी संस्थान में दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि महतो की पत्नी लाखो देवी (52) का इलाज अभी भी जारी है।

रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर ने मीडिया से कहा, दो महिलाओं सहित परिवार के तीन सदस्यों को गंभीर हालत में रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इनमें से एक महिला सहित दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला का उपचार जारी है।

Jharkhand News: मिलावटी तेल के इस्तेमाल से बिगड़े हालात

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि परिवार ने खाना बनाने में मिलावटी खाद्य तेल का इस्तेमाल किया था, जिससे ‘एपिडेमिक ड्रॉप्सी’ नामक विषाक्त बीमारी हुई। हालांकि, उन्होंने कहा कि मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि परिवार का आधुनिक चिकित्सा पद्धति पर भरोसा नहीं था, जिससे उनके उपचार पर प्रतिकूल असर पड़ा।

Jharkhand News: ग्रामीणों ने बताई चौंका देने वाली वजह

उन्होंने कहा, सूचना मिलने के बाद हमने एक विशेष टीम गठित कर परिवार के सदस्यों को अस्पताल पहुंचाया। उन्हें उपचार दिया गया, लेकिन उन्होंने दवाइयां ठीक से नहीं लीं। परिवार ने ऐसा पांच बार किया। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार का एक सदस्य करीब छह महीने पहले बीमार पड़ा था। उसे एक तांत्रिक के पास ले जाया गया, जिसने कथित तौर पर उन्हें एक चूर्ण दिया। परिवार ने उसे सरसों तेल में मिलाकर उसका सेवन किया।

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