LPG Supply Update India: देश में एलपीजी गैस की कमी की खबरों के बीच सरकार ने स्थिति को लेकर अहम जानकारी दी है। अधिकारियों का कहना है कि गैस की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार प्राकृतिक गैस (LNG) के दो बड़े कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं, जिससे सप्लाई में सुधार होगा।
LPG Supply Update India: LNG के दो कार्गो भारत की ओर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओएनजी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति फिलहाल सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए दो एलएनजी कार्गो रास्ते में हैं, जिससे गैस की उपलब्धता बेहतर होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अभी भारत को आने वाला कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली सामान्य मात्रा से अधिक है। तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अलग-अलग देशों से कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं। पहले भारत का करीब 55 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज के रास्ते आता था, लेकिन अब लगभग 75 प्रतिशत कच्चा तेल अन्य मार्गों से भी मंगाया जा रहा है।
LPG बुकिंग में जल्दबाजी की जरूरत नहीं
देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर लोगों में घबराहट देखी जा रही है। इस पर सरकार ने लोगों से जल्दबाजी न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घरेलू एलपीजी की डिलीवरी सामान्य रूप से करीब 2.5 दिन में हो जाती है। सरकार लगातार ऊर्जा आपूर्ति की निगरानी कर रही है और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम भी किए जा रहे हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को घबराकर ज्यादा सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है।
पूरी क्षमता से काम कर रही हैं रिफाइनरियां
अधिकारियों के मुताबिक देश की सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कुछ रिफाइनरियां तो 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता पर चल रही हैं ताकि ईंधन और गैस की आपूर्ति में कोई बड़ी कमी न आए। भारत में गैस की कुल खपत लगभग 189 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन है। इसमें से करीब 97.5 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन देश में ही होता है, जबकि बाकी गैस आयात की जाती है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण करीब 47.4 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।
घरेलू LPG उत्पादन में 25% की बढ़ोतरी
गैस की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में उठाए गए कदमों के बाद देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। भारत अपनी कुल गैस जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा करता है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार वैकल्पिक मार्गों और दूसरे देशों से भी खरीद बढ़ा रही है ताकि सप्लाई पर असर कम हो।
LPG की कीमतें नियंत्रण में रखने की कोशिश
सरकार का कहना है कि वह गैस की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। दिल्ली में फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 913 रुपये है। अधिकारियों के अनुसार अगर सरकार हस्तक्षेप न करती तो अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से कीमतें इससे कहीं ज्यादा हो सकती थीं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत की करीब 30 प्रतिशत गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके बावजूद तेल मंत्रालय की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से देश में एलपीजी की कीमतें अभी तक स्थिर बनी हुई हैं।
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