‘हम पहले मुस्लमान हैं अगर युद्ध नहीं रुका…’, जंग के बीच पहली बार तुर्की ने खुलकर किया ईरान का समर्थन

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Turkey support Iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की ने पहली बार खुलकर ईरान के समर्थन में बयान दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन ने अंकारा में सत्तारूढ़ दलों के सांसदों से बातचीत करते हुए कहा कि मौजूदा हालात बेहद गंभीर हैं और इस समय मुस्लिम देशों को एकजुट होकर शांति की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। Turkey support Iran:  ”हम सब पहले मुसलमान हैं” राष्ट्रपति एर्दोआन ने अपने संबोधन में कहा कि वह खुद को किसी…

Turkey support Iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की ने पहली बार खुलकर ईरान के समर्थन में बयान दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन ने अंकारा में सत्तारूढ़ दलों के सांसदों से बातचीत करते हुए कहा कि मौजूदा हालात बेहद गंभीर हैं और इस समय मुस्लिम देशों को एकजुट होकर शांति की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

Turkey support Iran:  ”हम सब पहले मुसलमान हैं”

राष्ट्रपति एर्दोआन ने अपने संबोधन में कहा कि वह खुद को किसी एक संप्रदाय से नहीं जोड़ते। उन्होंने कहा, “न तो मैं केवल सुन्नी हूं और न ही वे सिर्फ शिया हैं, हम सब सबसे पहले मुसलमान हैं।” उनके मुताबिक यह समय आपसी मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे का साथ देने का है। एर्दोआन ने कहा कि संकट की घड़ी में वह अपने सहयोगियों और मुस्लिम देशों से मुंह नहीं मोड़ सकते। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की शांति स्थापित करने के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा और युद्ध को रोकने की हर संभव कोशिश करेगा।

युद्ध के लिए इजराइल को ठहराया जिम्मेदार

तुर्की के राष्ट्रपति ने इस संघर्ष की शुरुआत के लिए इजराइल को जिम्मेदार बताया। तुर्की की मीडिया  रिपोर्ट के अनुसार एर्दोआन ने सांसदों से कहा कि अगर इस युद्ध को रोकना है तो इसकी शुरुआत करने वाले को ही इसे खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका कूटनीति को प्राथमिकता देता है और बातचीत का रास्ता अपनाता है तो स्थिति को संभाला जा सकता है। एर्दोआन ने यह भी संकेत दिया कि तुर्की इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है और क्षेत्र में शांति कायम करने में सक्रिय भागीदारी कर सकता है।

इजराइल की नजर में तुर्की भी

दूसरी ओर इजराइल के कुछ नेताओं ने तुर्की के रुख पर चिंता जताई है। इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेन्नेट ने कहा कि तुर्की भी धीरे-धीरे ईरान की तरह रास्ता अपनाता दिख रहा है। उनके अनुसार तुर्की में सुन्नी मुस्लिम समूहों का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसमें हमास, कतर और सीरिया जैसे तत्व शामिल बताए जा रहे हैं। बेन्नेट का दावा है कि इन समूहों का मकसद इजराइल को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की उन देशों में से एक है जिस पर ईरान ने अभी तक आक्रामक हमला नहीं किया है। इसके बावजूद तुर्की लगातार ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने की कोशिश में लगा हुआ है।

सांसदों को दी गई गोपनीय जानकारी

तुर्की की संसद में हुई एक अहम बैठक के दौरान सांसदों को मौजूदा संकट को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इस बैठक में विदेश मंत्री हकान फिदान और एक अन्य मंत्री ने लगभग 30-30 मिनट तक सांसदों को हालात की जानकारी दी। इस दौरान मंत्रियों ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की किस तरह की रणनीति अपनाने जा रहा है और संभावित खतरों से कैसे निपटा जाएगा। यह भी बताया गया कि तुर्की कूटनीतिक स्तर पर लगातार सक्रिय है और शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

तुर्की संसद के स्पीकर का बयान

बैठक के दौरान तुर्की संसद के स्पीकर ने भी भावुक टिप्पणी की। उन्होंने ईरान में हो रही मौतों की तुलना गाजा की स्थिति से करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की जान जा रही है और दुनिया को इस पर चुप नहीं रहना चाहिए। स्पीकर ने कहा कि जब आम नागरिकों की जान खतरे में हो, तब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आकर हिंसा रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। उनके अनुसार तुर्की की कोशिश यही है कि क्षेत्र में शांति कायम हो और युद्ध का दायरा और न बढ़े।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।