रायपुर : मुख्यमंत्री रमन सिंह के विदेश दौरे में निवेश को लेकर बेहतर रिस्पांस सामने आ रहा है। आस्ट्रेलिया के कई बड़े रायपुर समूहों ने राज्य में संसाधनों की प्रचुरता के चलते भी निवेश में उत्साह दिखाया है। कौशल विकास के कार्यक्रमों को संचालित करने के मामले में भी निवेशकों ने दिलचस्पी ली है। माना जा रहा है कि राज्य में विदेश निवेश की तादाद बढ़ने के बाद रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
वहीं छत्तीसगढ़ के 19 लाख बेरोजगार युवाओं को राहत मिल सकती है। औद्योगिक सेक्टर में कौशल विकास के लिए विदेशी कंपनियों ने माहौल तैयार करने में रूचि ली है। इसे भी सरकार के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। इसके अलावा खनिज सेक्टर के मामले में भी मुख्यमंत्री ने संबंधित कंपनियों को राज्य के दौरे के लिए आमंत्रित किया है। विदेशी कंपनी राज्य के भविष्य की जरूरतों का आंकलन कर नए सिरे से योजना तैयार करेगी।
खननप और कोल माइनिंग सेफ्टी तकनीक के साथ अन्य सेक्टरों पर भी फोकस किया गया है। राज्य में औद्योगिक हादसे के चलते सरकार ने इस मामले में कदम आगे बढ़ाया है। विभिन्न सेक्टरों में विदेशी निवेश आने की स्थिति में सरकार की ओर से संबंधित कंपनियों को विशेष तौर पर संसाधन मुहैया कराते हुए सहयोग करेगी। राज्य की औद्योगिक नीति में मौजूदा प्रावधानों को भी विदेशी कंपनियों ने अपने लिए अनुकूल माना है।
यही वजह है कि इस मामले में नए सिरे से सरकार ने तैयारी की है। सरकार ने कंपनियों को आश्वस्त भी किया है कि निवेश के लिए एमओयू होते ही सरकार उन्हें जमीन भी उपलब्ध कराएगी। इसके बावजूद कौशल विकास कार्यक्रम पर ही सरकार का जोर अधिक नजर आ रहा है। राज्य में हर हाथ को हुनरमंद बनाने की केन्द्र सरकार की कोशिशों को राज्य सरकार आगे बढ़ाने में दिलचस्पी ले रही है। विभिन्न सेक्टरों में निवेशकों की जरूरतों के हिसाब से सरकार निर्णय करेगी। चुनावी साल में विदेशी निवेश आना भी सरकार के लिए उपलब्धि हो सकती है।
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