लखनऊ, 14 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पीजीटी, टीईटी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर सख्त रुख अपनाया है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, अभ्यर्थियों को गुमराह करने और अवैध धन उगाही का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कहा कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग पीजीटी, टीईटी तथा अन्य परीक्षाओं से संबंधित ओएमआर शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ और प्राप्तांकों के नाम पर अभ्यर्थियों को आयोग कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र देने के लिए उकसा रहे हैं। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं तथा धन के लेन-देन से जुड़ी अप्रमाणित बातें भी फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीजीटी परीक्षा का परिणाम पहले ही घोषित किया जा चुका है। सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक तथा चयनित अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा अंक, साक्षात्कार अंक और अंतिम प्राप्तांक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग-अलग उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित विज्ञप्तियों एवं सूचनाओं को ही प्रामाणिक मानें।
उन्होंने कहा कि असत्य और भ्रामक सूचनाएं फैलाने, अभ्यर्थियों को गुमराह करने तथा अवैध धन वसूली का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि किसी भी जानकारी के लिए आयोग कार्यालय के चक्कर लगाने या बिचौलियों के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है। आयोग से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
–आईएएनएस
विकेटी/डीकेपी
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