चंडीगढ़, 24 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के वाइस प्रेसिडेंट सुभाष शर्मा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म करने का स्वागत किया। इसके साथ ही पंजाब सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 60 लाख रुपए के जीवन बीमा कवर की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने पर पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि हम भूख हड़ताल खत्म करने और सरकार में भरोसा जताने के उनके फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि जल्द ही कोई समाधान निकल आएगा। विरोध कर रहे छात्र भी संतुष्ट होंगे।
उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह है कि पेपर लीक की समस्या को जड़ से कैसे खत्म किया जाए और उस दिशा में भी काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश पर सुभाष शर्मा ने कहा, “विपक्ष की सोच सामंती है। हमारे प्रधानमंत्री एक जनसेवक हैं और उन्होंने हमेशा कहा है कि वे ‘प्रधान सेवक’ हैं। वे लोगों की इच्छा के अनुसार काम कर रहे हैं, इसलिए उनके ‘झुकने’ का कोई सवाल ही नहीं उठता। अगर इसे लोगों की बात सुनना भी माना जाए, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि जनता ही सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री ने पहले भी और कल भी यह स्पष्ट किया है कि पेपर लीक एक गंभीर मुद्दा है।”
पंजाब सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 60 लाख रुपए के जीवन बीमा कवर की घोषणा पर सुभाष शर्मा ने कहा कि सरकार अपने कार्यकाल के आखिरी दौर में है और उसे लगता है कि ऐसी घोषणाओं से लोगों का दिल जीता जा सकता है। लेकिन, लोग पहले से ही सरकार से निराश हैं और इन घोषणाओं का कोई असर नहीं होगा। साढ़े चार साल तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही।
उन्होंने कहा कि बीमा देना एक अच्छा कदम है, लेकिन सरकार उनके मानदेय को बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं कर रही है। हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद पंजाब सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए (महंगाई भत्ता) का मामला अभी भी अटका हुआ है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया। मनरेगा कर्मचारियों को भी लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा है। पंजाब की जनता मान सरकार से दुखी है और इस बार आम आदमी पार्टी की सरकार को बदलने का मन बना चुकी है।
सुभाष शर्मा ने कहा, “सरकार का कार्यकाल खत्म होने वाला है। उसने सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ। कर्मचारियों की मांगें, जिनमें मानदेय बढ़ाना भी शामिल है, जायज हैं, फिर भी सरकार उन्हें पूरा करने को लेकर गंभीर नहीं है। पेपर लीक का मुद्दा भी बहुत चिंताजनक है।”
उन्होंने कहा कि फार्मेसी परीक्षा मामले में उम्मीदवारों से 13 लाख रुपए लेकर नकल में मदद की गई। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन कई अन्य अभी भी फरार हो सकते हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप रहे हैं। यह पंजाब सरकार के दोहरे रवैये को दर्शाता है। दिल्ली में, वे जंतर-मंतर पर पेपर लीक का मुद्दा उठाते हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, जबकि पंजाब में वे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते हैं और अपनी ही कथित परीक्षा धांधली पर चुप रहते हैं। पंजाब की जनता यह सब देख रही है।”
सुभाष शर्मा ने कहा कि पंजाब में रेलवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े काम, चाहे जमीन का अधिग्रहण हो या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करना, आगे नहीं बढ़ रहे हैं। नतीजतन, कई प्रोजेक्ट रुके हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र, आनंदपुर साहिब में भी प्रोजेक्ट पेंडिंग हैं। यह एक बहुत गंभीर मुद्दा है, और मैं पंजाब सरकार से आग्रह करता हूं कि वह जल्द से जल्द इन कमियों को दूर करे ताकि डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू हो सकें।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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